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अष्टांग योग बताता है रोगों से बचने का तरीका, दवा से पहले बदलें अपनी दिनचर्या

अष्टांग योग बताता है रोगों से बचने का तरीका, दवा से पहले बदलें अपनी दिनचर्या

Ashtang Yoga Daily Routine: योग के बिना अच्छी सेहत का कोई आधार नहीं। यहां पर अगर आप किसी रोग या बीमारी से बचना चाहते है तो आपको अपनी दैनिक दिनचर्या यानि डेली रूटीन में बदलाव लाना चाहिए। यहां पर असली जड़ हमारे शरीर के अंदर होती है, जो बाहर के वातावरण के साथ आपके शरीर को बीमार कर देती है।

दवा आपकी उस बीमारी को सही कर सकती है जिसे आप झेल रहे है लेकिन आपको अंदरूनी बीमार होने से नहीं बचा सकती। बीमार होने के लिए हमारी जीवनशैली को व्यवस्थित होना जरूरी है इसके लिए आज हम अष्टांग योग के बारे में बता रहे है।

अष्टांग दिल के लिए होती है दवा

हृदय किसी दवा के बारे में नहीं बताता है, बल्कि जीवन जीने की विधि सिखाता है। बीमारी आने से पहले कैसे जीना है, ये सिखाता है। पहले जानते हैं कि दिन की शुरुआत कैसे होनी चाहिए। अगर आपकी जीवनशैली खराब रहती है तो यह कई बीमारी को बुलावा देती है। कई बार बीमारी शरीर के अंदर पनप रही होती है लेकिन उसके लक्षण बहुत देर में समझ आते हैं। आज हम आपको अष्टांग योग में वर्णित स्वास्थ्य सिद्धांत और दिनचर्या के बारे में बताएंगे, जिससे जीवनशैली में बदलाव लाकर शरीर को रोगों से दूर रखा जा सकता है।

जानिए कैसी होनी चाहिए

1- सूर्योंदय से पहले जागना बेहतर होता है। प्रकृति हमें सिखाती है कि जल्दी उठना कितना फायदेमंद है। सुबह उठते ही पहला काम रात भर शरीर में जमे खराब और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालना होता है। इसके लिए आप हल्का गुनगुना पानी पीएं और शरीर की गंदगी को बाहर निकालें। शरीर में जमा आम हॉर्मोन को असंतुलित कर सकते हैं। सुबह का गुनगुना पानी पेट की पाचन अग्नि को तेज करता है और भूख अच्छे से लगती है।

2- अच्छी दिनचर्या के लिए व्यायाम करना भी सही होता है। व्यायाम शरीर को थकाता नहीं है, बल्कि नई ऊर्जा का प्रवाह करता है। इससे शरीर के हर हिस्से में रक्त और ऑक्सीजन सही मात्रा में पहुंचती है। इसके अलावा प्यास लगने पर खूब सारा पानी और पौष्टिक आहार वाला खाना खाया जाता है।

3- मुंह की सफाई करना भी आपके शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए जरूरी होता है। मुख और जिह्वा की सफाई सिर्फ सौंदर्य से जुड़ी नहीं होती है, बल्कि इसका कनेक्शन पेट से होता है। जीभ पर जमी परत और मुंह के कीटाणु पेट को कई रोग दे सकते हैं। इसके साथ ही मुख और जिह्वा को साफ करने के लिए ऑयल पुलिंग भी करना जरूरी है। इससे दांतों को मजबूती मिलती है और पीलेपन से छुटकारा मिलता है।

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