
हरियाणा के रेवाड़ी में हंस नगर में हुए मकान ब्लास्ट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। 5 जुलाई को हुए इस हादसे में पिता और बेटी की मौत हो गई थी, जबकि दो साल की बच्ची समेत तीन लोग झुलस गए थे। पुलिस ने पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
गैस की दुर्गंध के बाद हुआ था जोरदार धमाका
पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक, घटना के दिन परिवार घर में मौजूद था। इसी दौरान मकान में गैस की दुर्गंध महसूस होने की बात सामने आई। कुछ देर बाद बेटी ने कपड़े प्रेस करने के लिए बिजली का स्विच ऑन किया और अचानक जोरदार धमाका हो गया।
ब्लास्ट इतना तेज था कि मकान का गेट टूटकर दूर जा गिरा और कई जगहों की टाइलें भी उखड़ गईं। हादसे में परिवार के कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
इलाज के दौरान पिता-बेटी की मौत
घायलों को पहले ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए तन्नू और उसके पिता सतबीर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था। इलाज के दौरान पहले तन्नू और अगले दिन उसके पिता सतबीर ने दम तोड़ दिया।
पाइपलाइन कंपनी के 3 लोग गिरफ्तार
मामले की जांच के बाद पुलिस ने आईजीएल का ठेका लेने वाली कंपनी से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें प्रोजेक्ट मैनेजर राहुल, सुपरवाइजर संदीप और सहयोगी कंपनी के आरसीएम रंजीत शामिल हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान PNG गैस लीक होकर मकान में जमा हुई, जिसके बाद बिजली का स्विच ऑन करने से विस्फोट हो सकता है।
अभी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
हालांकि, कंपनी प्रबंधन ने गैस लीक होने की संभावना से इनकार किया है। घटनास्थल की विशेषज्ञों ने भी जांच की थी, लेकिन ब्लास्ट की वजह को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
पुलिस अब CFL रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसी रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर मकान में इतना बड़ा धमाका किस वजह से हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।



