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साल 2026 में EPFO पर आएगा बड़ा फैसला, बढ़ सकती है EPF की वेतन लिमिट

साल 2026 में EPFO पर आएगा बड़ा फैसला, बढ़ सकती है EPF की वेतन लिमिट

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन

साल 2026 नौकरीपेशा लोगों के लिए एक अहम मोड़ लेकर आ सकता है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़ा एक बड़ा फैसला जल्द सामने आने की संभावना है. केंद्र सरकार EPF की वेतन सीमा बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है. अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो करोड़ों कर्मचारियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा और ज्यादा लोग सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकेंगे.

EPF की वेतन सीमा वह अधिकतम सैलरी लिमिट होती है, जिसके आधार पर कर्मचारी और कंपनी भविष्य निधि, पेंशन योजना (EPS) और बीमा योजना (EDLI) में योगदान करते हैं. फिलहाल यह सीमा 15,000 रुपये महीना तय है. यानी इससे ज्यादा सैलरी पाने वाले कर्मचारियों पर EPF योगदान अनिवार्य नहीं होता, जब तक उन्होंने स्वैच्छिक रूप से इसमें शामिल होने का विकल्प न चुना हो. समस्या यह है कि यह वेतन सीमा सितंबर 2014 के बाद से कभी नहीं बढ़ाई गई. बीते 10 सालों में महंगाई, सैलरी स्ट्रक्चर और जीवन-यापन की लागत काफी बदल चुकी है, लेकिन EPF का नियम वहीं का वहीं है.

25,000 रुपये तक बढ़ सकती है EPF लिमिट

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार EPF की वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने पर विचार कर रही है. इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को EPF, पेंशन और बीमा कवर के तहत लाना है. खास तौर पर प्राइवेट सेक्टर और मिड-लेवल सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को इससे बड़ा फायदा मिलेगा.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से तेज हुई प्रक्रिया

इस फैसले को तेजी से आगे बढ़ाने की एक बड़ी वजह सुप्रीम कोर्ट का हालिया आदेश भी माना जा रहा है. जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने EPFO को निर्देश दिया है कि EPF वेतन सीमा में बढ़ोतरी पर चार महीने के भीतर फैसला लिया जाए. इसके बाद यह प्रस्ताव उच्च स्तर पर समीक्षा के लिए भेजा गया है. सूत्रों की मानें तो आने वाले महीने में यह मामला EPFO की सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में रखा जा सकता है.

कब से लागू हो सकता है नया नियम?

अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो बढ़ी हुई EPF वेतन सीमा 1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकती है. यानी नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही कर्मचारियों की सैलरी से ज्यादा राशि EPF में जमा हो सकेगी. EPF वेतन सीमा बढ़ने से कर्मचारियों का रिटायरमेंट फंड मजबूत होगा. भविष्य निधि में ज्यादा योगदान होने से रिटायरमेंट के समय अच्छी-खासी रकम मिलेगी. इसके अलावा EPS के तहत मिलने वाली पेंशन राशि भी बढ़ सकती है और EDLI स्कीम के जरिए मिलने वाला बीमा कवर भी बेहतर होगा. कुल मिलाकर, यह फैसला नौकरीपेशा लोगों के भविष्य को ज्यादा सुरक्षित और स्थिर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

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