
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा जारी मोबाइल कनेक्शन से संबंधित दिशानिर्देशों का प्रभाव सोमवार से होगा। नए दिशानिर्देशों के अनुसार एक व्यक्ति के पास सामान्य क्षेत्रों में अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन हो सकते हैं। हालाँकि जम्मू और कश्मीर,असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र में सीमा 6 मोबाइल कनेक्शन तक घटा दी गई है।
दूरसंचार विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार दूरसंचार कंपनियों को उन ग्राहकों की पहचान करनी चाहिए जो पहले से निर्धारित मोबाइल कनेक्शन की संख्या के करीब पहुँच रहे हैं। इन ग्राहकों को उनके नए कनेक्शन के लिए पात्रता के बारे में सूचित किया जाना चाहिए जो नए दिशानिर्देशों के तहत उपलब्ध है।
नये एसआईएम प्राप्त करने के लिए जानकारी
नए दिशानिर्देशों के अनुसार ग्राहकों को अपने नाम पर विभिन्न दूरसंचार ऑपरेटरों और लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्रों के तहत उनके पास जितने मोबाइल कनेक्शन हैं उनके बारे में विवरण देने होंगे जिनके लिए वे आवेदन फॉर्म में भरेगें।
यह किया जा रहा है ताकि ग्राहकों के नाम पर अधिक से अधिक मोबाइल कनेक्शनों को नियंत्रित किया जा सके जो निर्धारित सीमा से अधिक है।
Digital Intelligence Platform से होगी निगरानी
DoT के सर्कुलर के मुताबिक, जिन ग्राहकों के नाम पर तय सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन हैं, उनकी जानकारी विभाग के Digital Intelligence Platform पर उपलब्ध कराई गई है।
दूरसंचार विभाग ने यह सिस्टम टेलीकॉम कंपनियों की मदद के लिए तैयार किया है, ताकि ऐसे ग्राहकों की पहचान की जा सके जिनके नाम पर मोबाइल कनेक्शन की निर्धारित संख्या पूरी हो चुकी है।
फोटो के जरिए भी होगी ग्राहकों की पहचान
नए सिस्टम में ग्राहकों की पहचान के लिए फोटोग्राफ का भी इस्तेमाल किया जाएगा। विभाग अधिकतम कनेक्शन सीमा तक पहुंच चुके सब्सक्राइबर्स की तस्वीरें डीआईपी पर उपलब्ध कराएगा।
टेलीकॉम कंपनियां डीआईपी के माध्यम से संबंधित ग्राहकों की तस्वीरें डाउनलोड कर सकेंगी और उनके मोबाइल कनेक्शनों की स्थिति की जांच कर सकेंगी।
सीमा से ज्यादा कनेक्शन लेने पर क्या होगा?
अगर कोई ग्राहक निर्धारित सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन लेता है तो अतिरिक्त कनेक्शन के संबंध में कार्रवाई की जाएगी। सर्कुलर के मुताबिक, तय सीमा से ज्यादा एक्टिवेट किए गए मोबाइल कनेक्शन को तुरंत निलंबित किया जा सकता है।
यह निलंबन तब तक जारी रहेगा, जब तक निर्धारित सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन रखने से जुड़ा मामला सुलझ नहीं जाता और संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।
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