
Ajit Pawar Last Speech: महाराष्ट्र की राजनीति। में ‘दादा’ के नाम से अपनी धाक जमाने वाले कद्दावर नेता। और उपमुख्यमंत्री अजित पवार पंचतत्व में विलीन हो गए। बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में राजकीय। सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
जहां एक ओर पूरा राज्य अपने इस प्रिय नेता को नम आंखों से विदाई। दे रहा है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर उनका एक पुराना वीडियो और हादसे से चंद लम्हे पहले की उनकी बातचीत हर किसी का दिल दहला रही है।
4 दिन पहले कही थी ‘काल के बुलावे’ की बात
अजित पवार के निधन के बाद उनका चार दिन पुराना एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने जीवन की नश्वरता और अनिश्चितता पर बात की थी। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अपने चिर-परिचित बेबाक अंदाज में उन्होंने कहा था, किस्मत का बुलावा आए तो जाना ही पड़ता है।
And this broke me down😪
कुठून तरी हा आवाज परत येईल🙌
Video is Ai made by— Prasad Wakte Patil (@Prasadwakte)
आप और हम आज यहां है, कल नहीं रहेंगे। समय का बुलावा आने पर हर किसी को जाना ही है। उन्होंने अपने संबोधन में राजनीति से ऊपर उठकर विकास को महत्व देने की सीख दी थी। उन्होंने कहा था, राजनीति ही सब कुछ नहीं है। चुनाव खत्म होने के बाद इसे भूल जाना चाहिए।
आम आदमी से सीधे जुड़े हुए नेता थे अजित पवार
को एक सख्त प्रशासक, तेज निर्णय लेने वाले नेता और जमीनी स्तर से जुड़े जनप्रतिनिधि के रूप में जाना जाता था। उन्होंने छह बार उपमुख्यमंत्री पद संभाला और वित्त मंत्रालय जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी निभाई। सिंचाई परियोजनाओं, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई फैसलों में उनकी अहम भूमिका रही। उनके समर्थकों का कहना है कि वह ऐसे नेता थे, जिन तक आम आदमी सीधे अपनी बात पहुंचा सकता था।



