
बाबागंज, बहराइच: सावन के पवित्र माह में जहां बड़ी संख्या में लोग मांसाहार से परहेज करते हैं, वहीं बाबागंज के साप्ताहिक बाजार में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली की खुलेआम बिक्री का मामला सामने आया है। बाजार में प्रतिबंधित मछली की बिक्री की तस्वीरें सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है और जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बाबागंज पुलिस चौकी से चंद कदम की दूरी पर लगने वाले साप्ताहिक बाजार में मछली कारोबारी खुलेआम थाई मांगुर की बिक्री कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रतिबंधित मछली की बिक्री की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले की जांच कर प्रतिबंधित मछली की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
प्रतिबंधित होने के बावजूद बिक्री जारी
उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग की वेबसाइट पर थाई मांगुर को प्रतिबंधित मत्स्य प्रजाति बताते हुए इसके अनधिकृत आयात एवं उत्पादन से संबंधित शासनादेश दर्ज है। विभाग ने 14 फरवरी 2019 को थाई मांगुर के पालन एवं विनिष्टीकरण के संबंध में भी शासनादेश जारी किया था।
थाई मांगुर के अत्यधिक मांसाहारी स्वभाव के कारण स्थानीय जलीय जीवों और देशी मछलियों के अस्तित्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका के चलते इसके पालन और कारोबार पर रोक से संबंधित निर्देश जारी किए गए हैं। विभिन्न जिलों में प्रशासन द्वारा इसके पालन, बिक्री, परिवहन और स्टॉक के खिलाफ कार्रवाई भी की जाती रही है।
चौकी से चंद कदम की दूरी पर कारोबार
स्थानीय लोगों के मुताबिक साप्ताहिक बाजार में जिस स्थान पर प्रतिबंधित मछली की बिक्री हो रही है, वह बाबागंज पुलिस चौकी से अधिक दूर नहीं है। ऐसे में लोगों का सवाल है कि यदि प्रतिबंधित मछली की बिक्री खुलेआम हो रही है तो जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस कारोबार पर क्यों नहीं पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सावन के महीने में बाजार में प्रतिबंधित मछली की बिक्री से लोगों की धार्मिक भावनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। लोगों ने मांग की है कि केवल खानापूर्ति के बजाय संबंधित विभाग की टीम बाजार में छापेमारी कर मछली की प्रजाति की जांच करे और यदि थाई मांगुर की पुष्टि होती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ेगा कारोबार
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के अभाव में प्रतिबंधित मछली का कारोबार करने वालों के हौसले बढ़ रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से साप्ताहिक बाजार के अलावा क्षेत्र की अन्य मछली मंडियों, दुकानों और संभावित पालन स्थलों की भी जांच कराने की मांग की है।
हाल के दिनों में प्रदेश के अन्य जिलों में भी प्रतिबंधित थाई मांगुर की बिक्री और पालन के मामले सामने आए हैं। मई 2026 में रामपुर में मत्स्य विभाग ने शिकायत के बाद एक तालाब में प्रतिबंधित थाई मांगुर मिलने पर कार्रवाई शुरू की थी।
जनता ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग
बाबागंज के स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी, मत्स्य विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त टीम गठित कर साप्ताहिक बाजार में जांच कराई जाए। यदि प्रतिबंधित थाई मांगुर की बिक्री की पुष्टि होती है तो मछली को जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और भविष्य में इसकी बिक्री पर प्रभावी रोक सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंधित मछली की खुलेआम बिक्री केवल नियमों की अनदेखी का मामला नहीं है, बल्कि क्षेत्र के जलीय पर्यावरण और जनहित से जुड़ा विषय भी है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कब तक सख्त कार्रवाई करता है।
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