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हम जिस तरह का खाना खाते हैं उसका सीधा असर हमारी सेहत पर देखने को मिलता है। ऐसे में लोगों को हेल्दी और कम तेल वाला खाना खाने की सलाह दी जाती है। इन दिनों हार्ट अटैक के मामले काफी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं और भारत जैसे विकासशील देशों में इसकी संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। आप रोज़ाना जिस तरह का तेल खाना पकाने के लिए इस्तेमाल करते हैं उसका हृदय के स्वास्थ्य पर बहुत बड़ा असर पड़ सकता है। हार्ट अटैक के बढ़ते मामले को देखते हुए सही तेल चुनना बेहद जरूरी है। ऐसे में इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि रोज खाना पकाने के लिए कौन से तेल का इस्तेमाल करना चाहिए।
कौन सा तेल है बेस्ट?
1. सरसों का तेल
उत्तर और पूर्वी भारत में इस तेल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। यह काफी लोकप्रिय है।
क्यों अच्छा है: इसमें ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड का सही संतुलन होता है। इसका स्मोक पॉइंट (वह तापमान जिस पर तेल जलने लगता है) काफी अधिक होता है, इसलिए यह तलने और भूनने के लिए सुरक्षित है।
इस बात का रखें ध्यान: इसे हमेशा तब तक गरम करें जब तक कि इसमें से धुआं न निकलने लगे, ताकि इसका तीखापन कम हो जाए।
2. मूंगफली का तेल
क्यों अच्छा है: इसमें मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (MUFA) अच्छी मात्रा में होता है, जो दिल के लिए अच्छा माना जाता है। इसका स्वाद बहुत हल्का होता है, इसलिए यह खाने का असली स्वाद नहीं बदलता।
बेस्ट यूज: हर तरह की कुकिंग और डीप फ्राइंग के लिए।
3. तिल का तेल
क्यों अच्छा है: दक्षिण भारतीय व्यंजनों के लिए यह सबसे बेस्ट है। इसमें शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट (Sesamol) होते हैं जो गरम करने पर भी नष्ट नहीं होते।
फायदा: यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है।
4. राइस ब्रान ऑयल
क्यों अच्छा है: यह आजकल काफी चर्चा में है क्योंकि इसमें ‘ओरिज़ानॉल’ (Oryzanol) होता है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। इसका स्मोक पॉइंट बहुत ऊंचा है, जो इसे पूरी या पकोड़े तलने के लिए आदर्श बनाता है।
इस तेल के इस्तेमाल से बचें
रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल्स: सोयाबीन, सूरजमुखी या कॉर्न ऑयल को बहुत ज्यादा प्रोसेस किया जाता है। इनमें ओमेगा-6 बहुत अधिक होता है, जो शरीर में सूजन (inflammation) बढ़ा सकता है।
डालडा या वनस्पति: इनमें ट्रांस फैट्स होते हैं, जो दिल की बीमारियों का सबसे बड़ा कारण हैं।
तेल बदलने की आदत डालें
डॉक्टर और डाइटिशियन सलाह देते हैं कि आपको हर 1-2 महीने में अपना कुकिंग ऑयल बदलते रहना चाहिए या दो तेलों का मिश्रण (जैसे सरसों और मूंगफली) इस्तेमाल करना चाहिए। इससे शरीर को अलग-अलग तरह के फैटी एसिड मिलते रहते हैं।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। Satya Report किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)




