अगर आपने पर्सनल लोन लिया है और आपके पास कुछ एक्स्ट्रा पैसे हैं, तो आपके मन में यह सवाल आ सकता है कि लोन को समय से पहले चुका देना चाहिए या नहीं? लोन जल्दी चुकाने से आगे का ब्याज बच सकता है और हर महीने की EMI का बोझ भी खत्म हो जाता है. लेकिन हर स्थिति में ऐसा करना फायदे का सौदा नहीं होता.

पर्सनल लोन प्रीपेमेंट क्या है?
पर्सनल लोन की तय समय खत्म होने से पहले बकाया रकम चुकाने को प्रीपेमेंट कहते हैं. इसमें आप कुछ रकम देकर लोन का मूलधन कम कर सकते हैं या पूरी बकाया राशि देकर लोन बंद कर सकते हैं. इसे फोरक्लोजर भी कहा जाता है. हालांकि, बैंक या लोन कंपनी इसके लिए कुछ चार्ज ले सकती है.
लोन जल्दी कब चुकाना फायदेमंद है?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लोन बंद करने का फैसला तभी फायदेमंद है जब इससे बचने वाला ब्याज, प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर चार्ज से ज्यादा हो. साथ ही यह भी देखना जरूरी है कि लोन चुकाने के बाद आपके पास इमरजेंसी के लिए पर्याप्त पैसा बच रहा है या नहीं. पर्सनल लोन का इस्तेमाल पहले इमरजेंसी जरूरतों के लिए किया जाता था, लेकिन अब लोग इसे लाइफस्टाइल खर्चों के लिए भी ले रहे हैं. पर्सनल लोन पर ब्याज आमतौर पर ज्यादा होता है और होम लोन की तरह इस पर ब्याज की टैक्स छूट भी नहीं मिलती.
इमरजेंसी फंड जरूर बचाएं
एक्सपर्ट के मुताबिक, लोन चुकाने से पहले कम से कम 6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड होना चाहिए. अपनी सारी बचत लोन चुकाने में लगा देना सही फैसला नहीं है. इसके अलावा लोन एग्रीमेंट में प्रीपेमेंट और फोरक्लोजर चार्ज जरूर देखें. अंत में बचने वाला ब्याज, चार्ज, बाकी लोन अवधि और अपनी बचत इन सभी की तुलना करके फैसला लें. कुल मिलाकर सिर्फ कर्ज से छुटकारा पाने के लिए अपनी पूरी बचत खत्म न करें. लोन जल्दी चुकाएं, लेकिन अपनी आर्थिक सुरक्षा कमजोर किए बिना.



