
लखनऊ, अमृत विचार। रक्षाबंधन के लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह की महिलाएं राखियां तैयार करने लगी हैं। इससे घर बैठे उन्हें स्वरोजगार मिला है। राखियों की बिक्री भी वह स्वयं करके आजीविका में सुधार लाएंगी।
माल विकास खंड के ग्राम शाहमऊ नौबस्ता में संचालित शंकर समूह ने सीआईएफ से 15 हजार रुपये ऋण लेकर राखियां बनाने का काम शुरू किया है। इसमें समूह की महिलाएं नीलम, शिल्पा, सुनीता, शीला, कल्पना समेत छह महिलाएं शामिल हैं। जो दिनरात राखियां तैयार कर रही है।
इनके हाथ की बनी रंगबिरंगी राखियां लोगों को आकर्षित करेंगी। इसकी कीमत 15 से 30 रुपये तक रखी है। करीब 10 हजार राखियां महिलाएं तैयार करेंगी। बाहर बिक्री करने के साथ जिले के सरकारी कार्यालय परिसर में स्टॉल लगाकर बेचेंगी।
जिला मिशन प्रबंधक रागिनी सिंह ने बताया कि इस कार्य से महिलाओं को घर बैठे काम मिला है। राखियां कई डिजाइन में बनाई हैं। इनकी पैकिंग भी खूबसूरत है। आजीविका से महिलाओं को जोड़ना मिशन का लक्ष्य है।
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