नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व तहलका संपादक तरुण तेजपाल को बड़ा झटका देते हुए सरेंडर से छूट की उनकी मांग स्वीकार नहीं की। शीर्ष अदालत ने उन्हें दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। मामला 2013 के गोवा मामले से जुड़ा है, जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट ने तेजपाल को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई थी।

इससे पहले 24 अगस्त की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल की सरेंडर से छूट वाली अर्जी पर आदेश सुरक्षित रखा था और मामले को 25 अगस्त 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था।
तेजपाल ने अपनी दोषसिद्धि और सजा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। अब सरेंडर से राहत न मिलने के बाद उनकी कानूनी लड़ाई अगले चरण में पहुंचेगी। मुख्य अपील पर आगे की सुनवाई की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की सूची के अनुसार तय होगी।
मुख्य बातें
- सुप्रीम कोर्ट ने सरेंडर से छूट की मांग स्वीकार नहीं की।
- तरुण तेजपाल को दो सप्ताह में आत्मसमर्पण करने का निर्देश।
- बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2013 के मामले में दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई थी।
- तेजपाल ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।


