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विटामिन B12 की कमी दूर करने के लिए खाएं ये 5 फूड्स, कमजोरी और नसों की परेशानी से बचने में मिल सकती है मदद..

Vitamin B12 Foods: विटामिन B12 हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, DNA बनाने और नर्वस सिस्टम के सामान्य कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शरीर खुद विटामिन B12 नहीं बनाता, इसलिए इसे भोजन या जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट के जरिए प्राप्त करना पड़ता है।

वयस्कों के लिए रोजाना करीब 2.4 माइक्रोग्राम विटामिन B12 की जरूरत बताई जाती है। इसकी कमी होने पर थकान, कमजोरी, एनीमिया और हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक कमी रहने पर नर्वस सिस्टम भी प्रभावित हो सकता है।

विटामिन B12 प्राकृतिक रूप से मुख्य रूप से मांस, मछली, अंडे, दूध और डेयरी उत्पादों में पाया जाता है। वहीं प्लांट-बेस्ड खाद्य पदार्थों में B12 प्राकृतिक रूप से नहीं होता, जब तक कि उन्हें B12 से फोर्टिफाइड न किया गया हो।

1. अंडा है आसान B12 स्रोत

अगर आप अंडा खाते हैं तो इसे अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। एक बड़े अंडे में लगभग 0.6 माइक्रोग्राम B12 पाया जा सकता है।

अंडे को उबालकर, ऑमलेट बनाकर या सब्जियों के साथ खाया जा सकता है। इसे नाश्ते में लेना सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। हालांकि, केवल अंडे पर निर्भर रहकर B12 की पूरी दैनिक जरूरत पूरी करना जरूरी नहीं है। बेहतर है कि डाइट में B12 के कई स्रोत शामिल किए जाएं।

2. दूध, दही और पनीर भी हैं उपयोगी

शाकाहारी लोगों के लिए दूध और दूसरे डेयरी उत्पाद B12 के महत्वपूर्ण स्रोत हो सकते हैं, बशर्ते वे डेयरी का सेवन करते हों।

एक कप दूध में लगभग 1.2-1.3 माइक्रोग्राम B12 पाया जा सकता है, जबकि लगभग 150-170 ग्राम दही में करीब 1 माइक्रोग्राम B12 हो सकता है। दूध को नाश्ते के साथ और दही को दोपहर के भोजन में शामिल किया जा सकता है।

पनीर भी डाइट में B12 उपलब्ध कराने में योगदान दे सकता है, हालांकि इसकी मात्रा ब्रांड और प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

3. मछली से मिलेगा B12 और प्रोटीन

मांसाहारी लोगों के लिए मछली विटामिन B12 का अच्छा प्राकृतिक स्रोत है। सैल्मन, टूना, सार्डिन और मैकेरल जैसी मछलियों में B12 के साथ प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं।

इन्हें लंच या डिनर में संतुलित मात्रा में शामिल किया जा सकता है। मछली को डीप फ्राई करने के बजाय ग्रिल, बेक या कम तेल में पकाना सामान्य तौर पर बेहतर विकल्प माना जाता है।

मछली की पोषण मात्रा उसकी प्रजाति और पकाने के तरीके के अनुसार बदल सकती है, इसलिए B12 की सटीक मात्रा के लिए पैकेजिंग या विश्वसनीय पोषण डेटाबेस देखना बेहतर है।

4. बीफ लिवर में बहुत अधिक B12 होता है

विटामिन B12 के सबसे समृद्ध प्राकृतिक खाद्य स्रोतों में बीफ लिवर शामिल है। इसकी थोड़ी मात्रा से ही B12 की काफी अधिक मात्रा मिल सकती है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसे रोजाना खाना चाहिए। लिवर में विटामिन A और कॉपर भी काफी अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए इसे सीमित मात्रा में और संतुलित डाइट के हिस्से के रूप में लेना बेहतर है।

जो लोग लिवर खाते हैं, उन्हें इसकी मात्रा और सेवन की आवृत्ति पर ध्यान देना चाहिए।

5. शाकाहारी और वेगन लोग फोर्टिफाइड फूड्स चुनें

जो लोग मांस, मछली, अंडे और डेयरी का सेवन नहीं करते, उनके लिए विटामिन B12 प्राप्त करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

ऐसे लोगों के लिए B12-fortified breakfast cereals, nutritional yeast और अन्य fortified foods उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। कोई भी उत्पाद खरीदते समय Nutrition Facts या लेबल जरूर देखें कि उसमें वास्तव में विटामिन B12 मौजूद है या नहीं।

सिर्फ किसी खाद्य पदार्थ को शाकाहारी या हेल्दी समझ लेना पर्याप्त नहीं है—उसमें B12 की मात्रा भी जांचना जरूरी है।

B12 की कमी होने पर कौन से लक्षण दिख सकते हैं?

विटामिन B12 की कमी हर व्यक्ति में अलग तरह से दिखाई दे सकती है। कुछ लोगों में शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, जबकि कुछ में ये समस्याएं हो सकती हैं:

  • लगातार थकान या कमजोरी
  • त्वचा का पीला पड़ना
  • हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन
  • चलने या संतुलन बनाने में परेशानी
  • जीभ में दर्द या लालिमा
  • याददाश्त या एकाग्रता से जुड़ी परेशानी
  • एनीमिया

अगर लंबे समय तक B12 की कमी बनी रहे तो नर्वस सिस्टम पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए लगातार ऐसे लक्षण बने रहने पर केवल डाइट बदलने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

क्या सिर्फ खाना खाने से B12 की कमी ठीक हो जाएगी?

हर व्यक्ति में ऐसा जरूरी नहीं है।

अगर किसी व्यक्ति के शरीर में B12 की कमी केवल डाइट में पर्याप्त B12 न होने के कारण है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार B12 वाले खाद्य पदार्थ बढ़ाने से मदद मिल सकती है।

लेकिन कुछ लोगों में शरीर B12 को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता। उम्र बढ़ने, पेट या आंतों की कुछ समस्याओं, पर्निशियस एनीमिया या कुछ सर्जरी के बाद ऐसी समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति में केवल भोजन पर्याप्त नहीं हो सकता और डॉक्टर सप्लीमेंट या B12 इंजेक्शन की सलाह दे सकते हैं।

इसलिए बिना जांच के लंबे समय तक खुद से B12 की हाई-डोज दवा लेना सही तरीका नहीं है।

B12 के लिए डाइट कैसी रखें?

अगर आप मांसाहारी हैं तो अंडे, मछली, मांस और डेयरी जैसे खाद्य पदार्थों को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।

वहीं शाकाहारी लोग दूध, दही और पनीर के साथ B12-fortified foods ले सकते हैं। वेगन डाइट लेने वालों को विशेष रूप से B12-fortified foods या डॉक्टर/डायटीशियन की सलाह से सप्लीमेंट पर ध्यान देना चाहिए।

सबसे जरूरी बात यह है कि केवल एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित और विविध आहार लिया जाए।

कब डॉक्टर से सलाह लें?

अगर लगातार कमजोरी, अत्यधिक थकान, हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन जैसे लक्षण हैं, या ब्लड टेस्ट में B12 कम आया है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर B12 के साथ अन्य संबंधित जांच भी करा सकते हैं और उसी के आधार पर उपचार तय कर सकते हैं।

निष्कर्ष: अंडे, दूध-दही, मछली, लिवर और B12 से फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ विटामिन B12 प्राप्त करने के उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। लेकिन B12 की कमी का कारण केवल खान-पान नहीं होता। इसलिए गंभीर या लंबे समय से चली आ रही कमी में डॉक्टर की सलाह और उचित जांच जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। विटामिन B12 की कमी के लक्षण और उपचार व्यक्ति की स्थिति के अनुसार अलग हो सकते हैं। किसी भी सप्लीमेंट या इंजेक्शन को डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू न करें।

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