रेलवे की ट्रेनों में यात्रियों को दी जाने वाली चादर और दूसरे बेडरोल सामान के गायब होने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तीन लोग बाजार जैसी जगह पर सफेद चादरें ओढ़े नजर आ रहे हैं। इन चादरों पर ‘वेस्टर्न रेलवे’ लिखा हुआ दिखाई देता है।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि ये रेलवे के एसी कोच में यात्रियों को उपलब्ध कराई जाने वाली चादरें हो सकती हैं। हालांकि, वीडियो कहां का है और उसमें दिखाई दे रहे लोगों के पास ये चादरें कहां से आईं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए केवल वायरल पोस्ट के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा।
रेलवे के बेडरोल को लेकर सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
वायरल वीडियो के बीच रेलवे के बेडरोल सामान के गायब होने से जुड़े आंकड़े भी चर्चा में हैं। आरटीआई के जरिए रेलवे के अलग-अलग डिवीजनों से जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच बड़ी संख्या में बेडरोल आइटम के चोरी या गायब होने की शिकायतें दर्ज हुईं।
आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में करीब 1.27 करोड़ से ज्यादा बेडरोल आइटम गायब होने की जानकारी सामने आई। इन सामानों की अनुमानित कीमत 104.51 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
गायब हुए सामान में करीब 46.54 लाख फेस टॉवल, 41.13 लाख बेडशीट, 23.59 लाख पिलो कवर, 12.95 लाख कंबल और 2.76 लाख तकिए शामिल बताए गए हैं।
एसी कोच में रोजाना लाखों यात्री करते हैं सफर
रेलवे के एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों को यात्रा के दौरान बेडरोल उपलब्ध कराया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, हर रात करीब 8 लाख यात्री एसी कोच में सफर करते हैं।
अधिकांश यात्री यात्रा पूरी होने के बाद चादर, कंबल और दूसरे सामान वापस कर देते हैं। हालांकि, आंकड़ों में ऐसे यात्रियों की संख्या भी सामने आती है जो इनमें से कुछ सामान अपने साथ ले जाते हैं।
वायरल पोस्ट पर लोगों ने उठाए सवाल
वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई यूजर्स ने रेलवे की संपत्ति को निजी इस्तेमाल में लेने पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल रेलवे की नहीं, बल्कि यात्रियों की भी है।
कुछ यूजर्स ने बेडरोल की निगरानी मजबूत करने और सामान गायब होने की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। वहीं, कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि रेलवे को महंगे सामान की सुरक्षा के लिए नई व्यवस्था पर विचार करना चाहिए।
फिलहाल वायरल वीडियो में नजर आ रहे तीन लोगों की पहचान और वीडियो की जगह की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में वीडियो को लेकर किए जा रहे दावों को तथ्यों की पुष्टि होने तक दावे के तौर पर ही देखना उचित होगा।



