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स्व. सुदर्शन चोपड़ा की स्मृति में आरसीएमटी कौशल प्रशिक्षण केंद्र में कार्यक्रम

जरूरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को दी गई श्रद्धांजलि

जालंधर : रोमेश चन्द्र मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा संचालित निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण केंद्र में ट्रस्ट की प्रेरणास्रोत एवं प्रसिद्ध समाजसेविका स्व. श्रीमती सुदर्शन चोपड़ा की पुण्य स्मृति में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षण केंद्र की छात्राओं ने भजन, शब्द और नाद प्रस्तुत कर सांप्रदायिक सौहार्द और धर्मनिरपेक्षता का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान फैशन डिजाइनिंग और मेकअप आर्टिस्ट प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त मेहर चंद पॉलिटेक्निक की योजना के तहत छात्राओं को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। प्रमाणपत्र आरसीएमटी के अध्यक्ष अरविंद चोपड़ा और उपाध्यक्ष सीमा चोपड़ा ने प्रदान किए। कार्यक्रम का आयोजन कन्या शिक्षा प्रसार के अध्यक्ष एस.एस. चौहान ने किया।

स्व. सुदर्शन चोपड़ा ट्रस्ट के संस्थापक अरविंद चोपड़ा की माता और सुप्रसिद्ध राजनेता एवं पत्रकार स्व. रोमेश चन्द्र चोपड़ा की पत्नी थीं। उन्होंने गृहस्थ जीवन की जिम्मेदारियों के साथ समाजसेवा को भी अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने सेवा, करुणा और मानवता का मार्ग नहीं छोड़ा।

इस अवसर पर अरविंद चोपड़ा ने अपनी माता के जीवन से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए छात्राओं को उनके संघर्ष, सेवा भावना और जीवन मूल्यों से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि स्व. सुदर्शन चोपड़ा का जीवन नई पीढ़ी, विशेषकर महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

कार्यक्रम में प्रशिक्षण केंद्र की छात्राओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। छात्राओं ने सिलाईकढ़ाई, ब्यूटी केयर और कंप्यूटर प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के अपने अनुभव साझा किए तथा स्व. सुदर्शन चोपड़ा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

ट्रस्ट की उपाध्यक्ष सीमा चोपड़ा ने कहा, “सुदर्शन चोपड़ा जी केवल एक गृहिणी नहीं, बल्कि एक विचार थीं। उनका मानना था कि एक महिला को शिक्षित करने से पूरा परिवार शिक्षित होता है। उन्हीं की स्मृति में शुरू किया गया यह निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण केंद्र आज जरूरतमंद महिलाओं को रोजगार के लिए सक्षम बनाने का कार्य कर रहा है। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।”

उन्होंने कहा कि स्व. सुदर्शन चोपड़ा का जीवन इस बात की प्रेरणा देता है कि कठिन परिस्थितियों में भी सेवा और मानवीय संवेदनाओं को जीवित रखा जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। छात्राओं ने स्व. सुदर्शन चोपड़ा के आदर्शों और उनके बताए सेवा एवं आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

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