पूर्व भारतीय क्रिकेटर जवागल श्रीनाथ ने युवा खिलाड़ियों को एक अहम सलाह दी। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अगर वे खेल में लंबा करियर बनाना चाहते हैं, तो उन्हें टेस्ट क्रिकेट को ज़्यादा गंभीरता से लेना चाहिए। श्रीनाथ गुरुवार को इंदौर में मध्य प्रदेश क्रिकेट अवार्ड्स के मौके पर मीडिया से बात कर रहे थे। मीडिया से बात करते हुए श्रीनाथ ने टेस्ट क्रिकेट को सभी तरह के क्रिकेट की जननी बताया और युवाओं को इस फ़ॉर्मेट को ज़्यादा गंभीरता से लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी लंबे फ़ॉर्मेट में खेल सकता है, उसके लिए T20 खेलना आसान होता है।

श्रीनाथ ने कहा कि IPL ज़रूरी है, लेकिन क्रिकेट में गहराई की भी ज़रूरत होती है, जो टेस्ट क्रिकेट में मिलती है। टेस्ट क्रिकेट पांच दिन का फ़ॉर्मेट है, इसीलिए इसे ‘सभी तरह के क्रिकेट की जननी’ कहा जाता है। जो खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट खेलता है, उसके लिए T20 खेलना आसान हो सकता है, लेकिन जो सिर्फ़ T20 खेलता है, उसके लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना उतना आसान नहीं होता। टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान दें, जो खेल का लंबा फ़ॉर्मेट है। इसके साथसाथ आप T20 भी खेल सकते हैं।
श्रीनाथ ने यह भी कहा कि युवाओं का IPL से जुड़े पैसे और ग्लैमर की वजह से उसकी ओर आकर्षित होना स्वाभाविक है, लेकिन अगर कोई खिलाड़ी 15 साल तक लगातार खेलना चाहता है, तो उसे टेस्ट क्रिकेट खेलना होगा क्योंकि T20 में उन्हें रोटेशन का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि IPL की ओर आकर्षित होना स्वाभाविक है। इसमें काफी ग्लैमर और चकाचौंध होती है। मातापिता, राज्य संघों और कोचों को अपने बच्चों को उनके क्रिकेट करियर के बारे में सही सलाह देनी चाहिए। अगर आप इसे 15 साल तक अपना पेशा बनाना चाहते हैं, तो आपको टेस्ट मैच खेलने होंगे। T20 में खिलाड़ियों को बहुत जल्दी रोटेट किया जाता है।
श्रीनाथ ने 1991 से 2002 के बीच भारत के लिए 67 टेस्ट मैच खेले। उन्होंने 30.49 की औसत से 236 विकेट लिए, जिसमें 10 बार एक पारी में पांच विकेट और एक बार मैच में दस विकेट लेने का कारनामा शामिल है। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 86 रन देकर 8 विकेट लेना रहा। वे टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले 10वें गेंदबाज हैं।
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