चंडीगढ़ : पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के बीच आम आदमी पार्टी ने अपनी रणनीतिक बिसात बिछानी शुरू कर दी है। पंजाब सरकार ने अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी को पार्टी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चमकौर साहिब हलके का नया इंचार्ज नियुक्त किया गया है। इस बड़े राजनीतिक फेरबदल से पंजाब की सियासत अचानक गरमा गई है, क्योंकि यह सीट राजनीतिक लिहाज से बेहद हाईप्रोफाइल मानी जाती है।

चन्नी के किले को भेदने के लिए खास रणनीति
चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र को कांग्रेस के दिग्गज नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, जहां से वह लगातार चुनाव लड़ते आए हैं। ऐसे में आम आदमी पार्टी ने चन्नी के इस किले को भेदने के लिए एक अचूक रणनीति तैयार की है। पार्टी ने गढ़ी जैसे मजबूत और लोकप्रिय दलित चेहरे को इस हलके की कमान सौंपकर अपने संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने की कोशिश की है। बता दें कि जसबीर सिंह गढ़ी ने लोकसभा चुनावों के बाद 1 जनवरी 2025 को ही आम आदमी पार्टी का दामन थामा था, और अब पार्टी ने उन पर बड़ा भरोसा जताया है।
कड़े और बड़े फैसलों के लिए मशहूर हैं गढ़ी
जसबीर सिंह गढ़ी पंजाब में दलित समुदाय की एक मजबूत आवाज माने जाते हैं और अपने कड़े रुख के लिए काफी मशहूर हैं। अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन के पद पर आसीन रहते हुए वह लगातार अपने सख्त फैसलों की वजह से सुर्खियों में बने रहे हैं। दलित समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा करते हुए उन्होंने अनुसूचित जाति से जुड़े लोगों पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामलों में अब तक कई रसूखदार मंत्रियों और विधायकों तक को अपने सामने तलब कर लिया है। उनके इसी दबंग और बेबाक अंदाज को भुनाने के लिए AAP ने उन्हें चमकौर साहिब जैसे अहम हलके में आगे किया है।



