चंडीगढ़ : पंजाब की राजनीति में शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी के संभावित गठजोड़ को लेकर चल रही अटकलों के बीच दिल्ली में सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री और पंजाब के चुनाव प्रभारी सीआर पाटिल से अहम मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक काफी देर तक चली। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसे लेकर दोनों दलों की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

सुखबीर बादल और सीआर पाटिल की इस मुलाकात को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और शिअद के बीच संभावित गठजोड़ की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है और फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती सीटों के बंटवारे का फार्मूला तय करना है।
भाजपा और शिअद का करीब ढाई दशक पुराना गठबंधन किसान आंदोलन के दौरान टूट गया था। इसके बाद दोनों दलों ने अलगअलग चुनाव लड़े। हालांकि, पंजाब में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच पिछले कुछ समय से दोनों पार्टियों के दोबारा साथ आने की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
सीआर पाटिल को हाल ही में पंजाब का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके जिम्मेदारी संभालने के बाद राज्य में भाजपा की चुनावी तैयारियों के साथसाथ संभावित गठबंधन को लेकर भी गतिविधियां बढ़ी हैं।
कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में सीआर पाटिल और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के साथ लंबी बैठक की थी। इसके बाद से ही पंजाब में भाजपा और शिअद के संभावित गठजोड़ को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था।
अब सुखबीर बादल की सीआर पाटिल से हुई ताजा मुलाकात ने इन अटकलों को और हवा दे दी है। हालांकि, दोनों दलों की ओर से गठबंधन को लेकर अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा और शिअद के बीच बातचीत आगे बढ़ती है तो सीटों के बंटवारे का मुद्दा सबसे अहम होगा। दोनों दल किस अनुपात में विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, इस पर सहमति बनना गठबंधन की दिशा में बड़ा कदम माना जाएगा।
फिलहाल राजनीतिक निगाहें सुखबीर बादल और सीआर पाटिल की मुलाकात के बाद होने वाले अगले घटनाक्रम पर टिकी हैं। गठबंधन का अंतिम फैसला दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद ही सामने आएगा।



