वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डाक से मतदान पर सख्ती करने की कोशिश को एक बार फिर अदालत से झटका लगा है। बोस्टन की संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन से जुड़े उस नए नियम के अमल पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिसमें राज्यों पर डाक से भेजे जाने वाले मतपत्रों को लेकर नई शर्तें लागू की जानी थीं।

संघीय जज इंदिरा तलवानी ने आदेश पर फिलहाल 14 दिनों की रोक लगाते हुए कहा कि राज्यों के पास चुनावी व्यवस्थाओं में इतने कम समय में बड़े बदलाव करने के लिए पर्याप्त वक्त नहीं है। अदालत ने इस बात पर भी चिंता जताई कि जल्दबाजी में नियम लागू होने से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
मामले में नया मोड़ तब आया जब ट्रंप प्रशासन ने जज के फैसले के खिलाफ अपील दायर कर दी। प्रशासन का तर्क है कि नए नियम चुनाव प्रक्रिया में अधिक निगरानी और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हैं। दूसरी ओर, कई राज्यों और मतदान अधिकार समूहों का कहना है कि चुनावों के संचालन का अधिकार मुख्य रूप से राज्यों के पास है और इस तरह के नियम मतदाताओं के लिए मुश्किलें पैदा कर सकते हैं।
यह विवाद नवंबर 2026 के मध्यावधि चुनावों से पहले और अहम हो गया है। जज के आदेश के बाद फिलहाल संबंधित प्रतिबंधों का क्रियान्वयन रुका रहेगा, जबकि अदालत में आगे की सुनवाई से इस मामले की दिशा तय होगी।
जज की अहम टिप्पणी: राज्यों को नई चुनावी व्यवस्थाओं के अनुरूप ढलने के लिए पर्याप्त समय और संसाधन चाहिए; जल्दबाजी में बदलाव से मतदाताओं के अधिकारों पर असर पड़ सकता है।



