नई दिल्ली पंजाब के माझा क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूर्व राज्यसभा सांसद एवं पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष श्वेत मलिक ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जतीन प्रसाद से नई दिल्ली में मुलाकात की। मलिक ने मंत्री से अमृतसर में स्थापित पंजाब के दूसरे सॉफ्टवेयर एवं आईटी पार्क का जल्द शुभारंभ करवाने का आग्रह किया। मंत्री ने इस संबंध में शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।

मलिक ने कहा कि पंजाब में आईटी उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में करीब चार दशक पहले मोहाली में राज्य का पहला सॉफ्टवेयर आईटी पार्क स्थापित किया गया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में राज्यसभा सांसद बनने के बाद उन्होंने संसद में पंजाब के माझा क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक एवं आईटी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अमृतसर में दूसरा आईटी पार्क स्थापित करने की मांग उठाई थी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन केंद्रीय आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने उनकी मांग को स्वीकार किया था। इसके बाद दिसंबर 2016 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने वेरकावल्लाह में आईटी पार्क की आधारशिला रखी थी। मलिक ने इस परियोजना को पूरा करवाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जतीन प्रसाद का आभार जताया। मलिक के अनुसार, अमृतसर में आईटी पार्क के शुरू होने से माझा क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक उद्योग के विस्तार को गति मिलेगी। इसका लाभ अमृतसर के साथसाथ पठानकोट, गुरदासपुर, बटाला और तरनतारन सहित सीमावर्ती क्षेत्रों को भी मिल सकता है। उन्होंने कहा कि इससे नए उद्योगों और स्टार्टअप को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने बताया कि वल्लाहमेहता बाईपास के निकट न्यू फोकल प्वाइंट क्षेत्र में स्थित यह अत्याधुनिक आईटी पार्क करीब 3,900 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है और तीन मंजिला इमारत में विकसित किया गया है। परियोजना पर करीब 20 करोड़ रुपये की लागत आई है। यहां इलेक्ट्रॉनिक एवं आईटी क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्टअप और छोटे तथा मध्यम उद्यमियों के लिए प्रशिक्षण एवं कोवर्किंग स्पेस की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
पार्क में प्रशिक्षण कक्ष, सम्मेलन कक्ष, मीटिंग रूम, कैफेटेरिया, पैंट्री और सर्वर रूम सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां किफायती दर पर कार्यस्थल उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। मलिक ने कहा कि हाईस्पीड इंटरनेट, बिजली आपूर्ति और सुरक्षा जैसी सुविधाएं इस केंद्र को स्टार्टअप तथा नए उद्यमों के लिए उपयोगी बनाएंगी। मलिक ने कहा कि आईटी पार्क का उद्देश्य अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक एवं आईटी आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करना और क्षेत्र को उत्तर भारत के प्रमुख आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स केंद्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे मोबाइल फोन, टीवी, कंप्यूटर, एयर कंडीशनर, वाशिंग मशीन, सीसीटीवी कैमरा, सेमीकंडक्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़े उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा।
उन्होंने कहा कि तकनीक ने आम जीवन को आसान और तेज बनाया है। आईटी क्षेत्र के विस्तार से शिक्षा, व्यापार, संचार और रोजगार के नए अवसर बढ़े हैं। उनके अनुसार, अमृतसर आईटी पार्क क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति देने, युवाओं को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देने, स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने और नए निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मलिक ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप पंजाब में औद्योगिक एवं तकनीकी विकास को नई दिशा देने में सहायक साबित हो सकती है।



