
लखनऊ/बरेली, अमृत विचार : किसी ने सच ही कहा है कि अगर हौसलों में उड़ान और सपनों में जान हो तो हर दीवार छोटी पड़ जाती है। कुछ ऐसे ही जुनून और अटूट हौसले की बेमिसाल कहानी है हमारी अपनी नाथनगरी बरेली की बेटी नेहा मित्तल की। कल तक जो बच्ची बरेली के सेंट मारिया स्कूल में अपने सुनहरे भविष्य के सपने बुना करती थी, वह आज अपनी काबिलियत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा मुकाम हासिल कर चुकी है, जिसे पाना लाखों लोगों का सपना होता है। आज नेहा मित्तल सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि दुनिया के नक्शे पर चमकता हुआ वो सितारा हैं, जिसने स्टार्टअप की दुनिया में भारत का परचम लहराया है।
जस्ट एआई की सहसंस्थापक और सीईओ नेहा मित्तल
जब देश के प्रधानमंत्री से मिलीं नेहा
हाल ही में नई दिल्ली में जब ‘वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ का आयोजन हुआ, तो वहाँ देशदुनिया के सबसे कद्दावर चेहरों का जमावड़ा था। इसी बेहद खास और चुनिंदा वैश्विक हस्तियों के बीच जब बरेली की इस बेटी नेहा ने कदम रखा, तो हर किसी की निगाहें उन पर ठहर गईं। नेहा ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उस पल की भव्यता और गरिमा शब्दों से परे थी, जब प्रधानमंत्री मोदी ने इस युवा उद्यमी की प्रतिभा को सराहा और हौसला बढ़ाया। दोनों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए रोजगार के नए रास्ते खोलने और युवाओं के भविष्य को संवारने पर बातचीत हुई। इस मंच पर नेहा ने न सिर्फ पीएम मोदी, बल्कि ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर जैसे वैश्विक राजनेताओं से भी मुलाकात की और विमर्श किया। इस दौरान एआई की दुनिया के बड़े नाम में से एक फायरफ्लाईज एआई के सीईओ कृप रामिनेनी और विस्पर फ्लो के संस्थापक तनय कोठारी सहित दीपान्विता, कृष्णा और सुदीप जैसे दिग्गज टेकलीडर्स के साथ बैठकर नेहा ने भविष्य की तकनीकों पर अपने विचार साझा किए।
मातापिता के त्याग और कड़ी मेहनत से नेहा ने पायी सफलता
बरेली के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अनुराग मित्तल और डॉ. राजकुमारी मित्तल के त्याग की कहानी है नेहा मित्तल की सफलता। बरेली से शुरू हुआ यह सफर आसान नहीं था। नेहा ने नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की जटिल पढ़ाई की और फिर दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले से मास्टर्स की डिग्री हासिल की। सैन फ्रांसिस्को की एआई की दुनिया में अपनी कंपनी खड़ी करने से पहले वे ट्विटर और पिंटरेस्ट जैसे ग्लोबल ब्रांड्स के साथ भी काम कर चुकी हैं। आज बरेली की यह बेटी अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में बैठकर पूरी दुनिया के बिजनेस और मार्केटिंग के तौरतरीकों को बदल रही है। नेहा मित्तल की यह कहानी हर उस छोटी जगह की बेटी के लिए एक उदाहरण है, जो अपनी आँखों में बड़े सपने संजोए बैठी है।
बदलते वैश्विक नियमों के बीच तकनीकी विकास पर मंथन
नेहा मित्तल के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय आयोजन में उद्देश्य सिर्फ एआई तकनीक या भविष्य में बनने वाली अत्याधुनिक प्रणालियों तक सीमित नहीं थी। विमर्श का बड़ा सवाल यह था कि भारत समेत दुनिया के देश परस्पर सहयोग के साथ एआई को तेजी और जिम्मेदारी से कैसे अपना सकते हैं। चर्चा में युद्ध, वैश्विक प्रतिबंध और बदलते नियमों के बीच टेक्नोलॉजी के विकास, एआई के दौर में युवाओं और कर्मचारियों को नए कौशल देने, रोजगार के बदलते स्वरूप व सरकारों, उद्यमियों और नीतिनिर्माताओं के बीच बेहतर संवाद जैसे विषय शामिल रहे।
नेहा ने दो साल पहले की थी जस्ट एआई कंपनी की शुरुआत
नेहा मित्तल ने दो साल पहले अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में रहते हुए एआई स्टार्टअप के क्षेत्र में कदम रखा था। वह एआई कंपनी जस्ट एआई की सहसंस्थापक और सीईओ हैं। उनकी कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से कंपनियों के मार्केटिंग और ग्राहक अनुभव को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है। पिता डा. अनुराग मित्तल ने अमृत विचार को बताया कि नेहा की शुरुआती पढ़ाई बरेली के सेंट मारिया स्कूल से हुई। बाद में उन्होंने नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर से 2010 से 2014 के बीच कंप्यूटर इंजीनियरिंग की। मास्टर्स की पढ़ाई यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया बर्कले से पूरी की। वह ट्विटर और पिंटरेस्ट जैसी नामी कंपनियों के साथ भी काम कर चुकी हैं।



