Banda Child Prodigy: महज नौ साल के एक बच्चे ने दुनियाभर में उत्तर प्रदेश के बांदा और भारत का नाम रौशन किया है. बांदा के नौ साल के पार्थ झा का नाम इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है. पार्थ का नाम टरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में इसलिए दर्ज किया गया है, क्योंकि उन्होंने मात्र दो मिनट में 200 देशों के झंडों पहचान सफलतापूर्वक कर ली. पार्थ की उपलब्धि दुनियाभर के लिए मिसाल बन गई है.

पार्थ का परिवार उनकी इस उपलब्धि से बहुत खुश है. परिवार के साथसाथ बांदावासी भी इस नौ साल के बच्चे पर गौरव कर रहे हैं. पार्थ वर्तमान में अपने मातापिता के साथ के मुंबई में रहते हैं. पार्थ का बचपन बांदा में गुजरा है. पार्थ के पिता का नाम अशोक झा है और उनकी मां का नाम जयश्री है. पार्थ बांदा के जाने माने चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर जे विक्रम के भांजे हैं.
पार्थ के मामा ने क्या बताया?
बांदा में चाइल्ड केयर नर्सिंग होम के मालिक डॉक्टर जे विक्रम ने बताया कि उनके भांजे पार्थ झा ने 2 मिनट में 200 देशों के फ्लैग पहचान कर बताने का कारनामा किया है. महाराष्ट्र में स्थित एक संस्था ने पार्थ को गोल्ड मेडल और एक प्रमाण पत्र दिया है. इतना ही नहीं उसका नाम इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकार्ड्स में भी दर्ज किया गया है.
कंप्यूटर की तरह काम करता है पार्थ का दिमाग
पार्थ के मामा ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है इतनी कम उम्र में 200 देश के झंडों का पहचान करना चमत्कार ही है. पार्थ के पिता अशोक झा और मां जयश्री बांदा के ही रहने वाले हैं. पार्थ का दिमाग कंप्यूटर की तरह काम करता है. बांदा का लाल मुंबई में रहकर परिवार और देश का नाम रौशन कर रहा है. पार्थ ने बांदा का नहीं, बल्कि पूरे भारत का नाम विश्वभर में ऊंचा किया है.


