अगर आप आने वाले समय में पर्सनल लोन, होम लोन या किसी दूसरे तरह का लोन लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो अपनी क्रेडिट रिपोर्ट और क्रेडिट स्कोर पर जरूर ध्यान दें. कई बार क्रेडिट रिपोर्ट में छोटीसी गलती भी आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है. इससे लोन मिलने में परेशानी हो सकती है और बैंक या वित्तीय संस्थान आपसे ज्यादा ब्याज भी मांग सकते हैं.

क्रेडिट रिपोर्ट किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति और पुराने कर्ज का रिकॉर्ड बताती है. बैंक और दूसरे लोन देने वाले संस्थान इसी जानकारी की मदद से यह समझने की कोशिश करते हैं कि ग्राहक समय पर लोन चुका पाएगा या नहीं. अगर किसी व्यक्ति का भुगतान रिकॉर्ड अच्छा है और उसने पहले लोन की किस्तों में डिफॉल्ट नहीं किया है, तो उसके लिए लोन लेना आमतौर पर आसान हो सकता है.
लेकिन अगर रिपोर्ट में गलत जानकारी दर्ज है, तो स्थिति बदल सकती है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, क्रेडिट रिपोर्ट में मौजूद गलत जानकारी सीधे क्रेडिट स्कोर को प्रभावित कर सकती है. इसका असर भविष्य में मिलने वाले लोन और उसकी ब्याज दर पर भी पड़ सकता है.
इन गलतियों पर रखें नजर
क्रेडिट रिपोर्ट में कई तरह की गलतियां हो सकती हैं. उदाहरण के लिए, आपका नाम या पता गलत दर्ज होना, किसी दूसरे व्यक्ति का लोन आपके रिकॉर्ड में दिखाई देना, गलत पेमेंट हिस्ट्री, खाते में गलत बकाया राशि या एक ही लोन की जानकारी दो बार दर्ज होना. कई बार ऐसा भी होता है कि लोन बंद हो चुका है, लेकिन रिपोर्ट में वह अकाउंट अभी भी एक्टिव दिख रहा है. देखने में ये छोटी गलतियां लग सकती हैं, लेकिन इनका असर क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है.
600 से कम स्कोर पर बढ़ सकती है परेशानी
अगर क्रेडिट स्कोर काफी कम हो जाता है, तो बैंक आपकी वित्तीय स्थिति की ज्यादा जांच कर सकते हैं. खासतौर पर 600 से कम स्कोर होने पर लोन लेना मुश्किल और महंगा हो सकता है. वहीं, 750 से ज्यादा क्रेडिट स्कोर को आमतौर पर बेहतर माना जाता है. ऐसे ग्राहकों को कुछ मामलों में बेहतर ब्याज दर और लोन की शर्तें मिल सकती हैं. हालांकि, अंतिम फैसला बैंक की अपनी पॉलिसी और ग्राहक की आय व अन्य वित्तीय जानकारी पर निर्भर करता है.
रिपोर्ट में गलती मिले तो क्या करें?
सबसे पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट नियमित रूप से चेक करें. अगर कोई गलत जानकारी दिखाई देती है, तो उसके समर्थन में बैंक स्टेटमेंट, पेमेंट रसीद, लोन बंद होने का प्रमाण या दूसरे जरूरी दस्तावेज जुटाएं. इसके बाद संबंधित क्रेडिट रिपोर्टिंग एजेंसी और उस बैंक या वित्तीय संस्था के पास शिकायत दर्ज करें, जिसने गलत जानकारी भेजी है. शिकायत करने के बाद उसका स्टेटस भी चेक करते रहें और सुनिश्चित करें कि गलत जानकारी को सुधार दिया गया है या हटा दिया गया है.
इसलिए लोन लेने से पहले सिर्फ क्रेडिट स्कोर देखना काफी नहीं है. पूरी क्रेडिट रिपोर्ट को ध्यान से पढ़ना भी जरूरी है. समयसमय पर रिपोर्ट चेक करने से गलतियों को जल्दी पकड़ा जा सकता है और भविष्य में महंगे लोन से बचने में मदद मिल सकती है.


