CM रेखा गुप्ता के वैज्ञानिक रोडमैप और टाइमबाउंड मॉडल से ओखला, भलस्वा और गाजीपुर में हुआ ऐतिहासिक सुधार

कचरे से निकले इनर्ट मटेरियल का सड़कों के निर्माण और निचले इलाकों के भराव में हो रहा वैज्ञानिक उपयोग
जनता के एक वोट से बदलीं प्राथमिकताएं, दिल्ली में ढहने लगे कूड़े के पहाड़: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
नई दिल्ली : मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने ओखला, भलस्वा और गाजीपुर के कूड़े के पहाड़ों को हटाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इन तीनों लैंडफिल साइट्स पर अब तक करीब 2.16 करोड़ मीट्रिक टन कचरे को प्रोसेस किया जा चुका है और कुल 100 एकड़ भूमि को रिक्लेम किया गया है। इससे इन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को बेहतर और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिली है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में वर्षों से लोगों के सामने कूड़े के पहाड़ एक बड़ी समस्या बने हुए थे। उनकी सरकार ने इन्हें हटाने का वादा किया था और इस वादे को पूरा करने के लिए सरकार ने एक वैज्ञानिक रोडमैप, समर्पण और टाइमबाउंड कार्यप्रणाली के साथ काम किया। सरकार ने केवल मौजूदा कूड़े के पहाड़ों को हटाने पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो, इसके लिए भी पहले से तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ओखला में करीब 70 लाख मीट्रिक टन कचरे को प्रोसेस कर 35 एकड़ भूमि रिक्लेम की गई है। वहीं भलस्वा में करीब 102 लाख मीट्रिक टन कचरे को प्रोसेस कर 45 एकड़ भूमि रिक्लेम की गई है। इसी तरह गाजीपुर में करीब 44 लाख मीट्रिक टन कचरे का प्रसंस्करण किया गया और 20 एकड़ भूमि रिक्लेम की गई है। इस प्रकार तीनों साइट्स पर मिलाकर करीब 2.16 करोड़ मीट्रिक टन कचरे का प्रसंस्करण और 100 एकड़ भूमि का पुनरुद्धार किया गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कचरे के पहाड़ों को हटाने का काम केवल कचरा हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उन इलाकों में रहने वाले लोगों के जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। जो लोग इन क्षेत्रों से रोजाना गुजरते हैं, उन्हें अब बेहतर वातावरण दिखाई दे रहा है और आसपास रहने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार हो रहा है। स्वच्छ और बेहतर पर्यावरण से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली जैसे देश की राजधानी में इतने बड़े पैमाने पर भूमि को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त कर दोबारा उपयोग योग्य बनाना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों को अधिक स्वच्छ और रहने योग्य बनाना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गाजीपुर में कचरे के प्रसंस्करण के बाद निकलने वाले इनर्ट मटेरियल का भी उपयोग किया जा रहा है। इसका इस्तेमाल लोलाइन एरिया को भरने और सड़कों के नीचे बेस तैयार करने में किया गया है। इससे कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण के साथसाथ प्रसंस्करण से प्राप्त सामग्री का उपयोग भी सुनिश्चित हुआ है। सरकार का कार्य करने का मॉडल केवल वर्तमान समस्या का समाधान करना नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों के लिए भी पहले से योजना बनाना है। इसी दिशा में दिल्ली में चार नए वेस्टटूएनर्जी प्लांट स्थापित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
उन्होंने कहा कि इन प्लांट्स के तैयार होने के बाद दिल्ली में प्रतिदिन पैदा होने वाले कचरे को उसी गति से प्रोसेस करने की दिशा में क्षमता विकसित होगी, ताकि कचरा लगातार जमा होकर नए कूड़े के पहाड़ का रूप न ले। सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली में रोजाना जितना कचरा पैदा हो, उसका रोजाना प्रसंस्करण सुनिश्चित किया जा सके। दिल्ली सरकार की नजर हर तरह के कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मौजूदा कूड़े के पहाड़ों को हटाने के साथसाथ भविष्य में कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली को स्वच्छ, स्वस्थ और बेहतर जीवनपरिस्थितियों वाला शहर बनाना है। दिल्ली में कूड़े के पहाड़ों को हटाने की दिशा में हुई यह प्रगति सरकार की प्रतिबद्धता और समयबद्ध कार्यप्रणाली का परिणाम है। यह इस बात का उदाहरण है कि जनता के एक वोट से सरकार की प्राथमिकताएं बदल सकती हैं और ठोस काम जमीन पर दिखाई दे सकता है।


