पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और दुनिया में बढ़ती आर्थिक चिंता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था अब भी अच्छी स्थिति में बनी हुई है. मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव का मानना है कि इसमें GST 2.0 की बड़ी भूमिका रही है.कंपनी की सालाना बैठक में शेयरहोल्डर्स से बात करते हुए भार्गव ने कहा कि GST में हुए बदलावों से सिर्फ कारों की सेल को फायदा नहीं मिला, बल्कि देश के कई दूसरे कारोबारों को भी बढ़ने में मदद मिली है.

GST 2.0 ने मुश्किल समय में दिया सहारा
भार्गव के मुताबिक, पश्चिम एशिया में युद्ध और ईरान से जुड़े तनाव के बावजूद भारत में अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है. GST से सरकार को मिलने वाला पैसा भी मजबूत बना हुआ है.उन्होंने कहा कि में बदलाव नहीं किए जाते तो मुश्किल समय में अर्थव्यवस्था को इतना फायदा शायद नहीं मिलता. उनके अनुसार, नए टैक्स बदलावों ने देश के कई हिस्सों में कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद की है.
भार्गव ने सरकार की ओर से किए गए इस बदलाव की तारीफ की. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से आगे भी ऐसे कदम उठाने की अपील की, जिनसे कारोबार करना आसान हो और लोगों के लिए रोजगार के ज्यादा मौके बनें.
2031 तक कारों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद
भार्गव ने भारतीय कार बाजार को लेकर भी बड़ा अनुमान बताया. उनके मुताबिक, साल 2031 तक देश में हर साल करीब 61 लाख से 63 लाख कारें बिक सकती हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले साल में छोटी कारों की मांग तेजी से बढ़ सकती है. GST में पिछले साल सितंबर में किए गए कर बदलावों से छोटी कारों को फायदा मिलने की उम्मीद है.अगर बाजार इसी तरह बढ़ता रहा तो को अपने प्रोडक्शन और सेल की योजनाओं में भी बदलाव करना पड़ सकता है.
मारुति बढ़ा रही प्रोडक्शन कैपिसिटी
बढ़ती मांग को देखते हुए मारुति सुजुकी अपनी कार बनाने की कैपेसिटी लगातार बढ़ा रही है. कंपनी का टारगेट वित्त वर्ष 202627 के अंत तक अपनी कुल प्रोडक्शन कैपेसिटी करीब 29 लाख कार सालाना करने का है. वहीं वित्त वर्ष 203031 तक यह क्षमता बढ़कर करीब 36.5 लाख कार सालाना करने की योजना है. कंपनी का मानना है कि भारत में आगे भी कारों की मांग बढ़ने की काफी गुंजाइश है.
गुजरात और हरियाणा में बढ़ रहा काम
मारुति सुजुकी हरियाणा के खरखौदा में भी अपना उत्पादन बढ़ा रही है. यहां कंपनी ने दो उत्पादन लाइन शुरू कर दी हैं और तीसरी लाइन पर काम चल रहा है.गुजरात के हंसलपुर प्लांट में भी कंपनी ने नई उत्पादन लाइन शुरू की है. इसके बाद वहां कुल उत्पादन क्षमता करीब 10 लाख कार सालाना हो गई है. यह सुजुकी का दुनिया में सबसे बड़ा कार प्लांट है.
इसके अलावा गुजरात के सानंद में कंपनी की नई फैक्ट्री पर भी काम शुरू हो चुका है. यहां कुल 10 लाख कार सालाना बनाने की क्षमता तैयार करने की योजना है. इस परियोजना पर करीब 35,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात कही गई है.
आगे भी सुधार की जरूरत
आरसी भार्गव ने कहा कि भारत को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सरकारों को कारोबार आसान बनाने पर ध्यान देना चाहिए. उनका मानना है कि तकनीक के ज्यादा इस्तेमाल से समय की बचत होगी और काम में देरी भी कम हो सकती है.उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने में सहयोग करने की अपील की. उनके मुताबिक, भारत की वैश्विक ताकत काफी हद तक उसकी आर्थिक मजबूती पर निर्भर करेगी.
मारुति सुजुकी को उम्मीद है कि मजबूत अर्थव्यवस्था, बढ़ती मांग और नए सुधारों के कारण आने वाले वर्षों में भारतीय कार बाजार तेजी से आगे बढ़ सकता है.



