बिहार : शराबबंदी के बावजूद शराब माफिया अपने धंधे को अंजाम देने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाते हुए नए चेहरे सामने ला रहे हैं.अब शराब की तस्करी का ट्रेंड बदलकर हसीनाओं और शराब तस्कर परियों से करा रही है, ताकि कोई शक न करे.लेकिन दानापुर रेल पुलिस की सख्ती के आगे माफियाओं की यह चाल भी नाकाम हो गई. ट्रेनों में शराब तस्करी करने वाले अंतर-जिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 11 महिला तस्कर परियों, एक कोच अटेंडेंट और दो पुरुष तस्करों को गिरफ्तार किया है.
यह कारवाई रेल पुलिस अधीक्षक पटना अनंत कुमार राय के निर्देश पर मुगलसराय–दानापुर रेलखंड में विशेष अभियान चलाकर किया गया है.रेल डीएसपी दानापुर कंचन राज के नेतृत्व में पाटलिपुत्र रेल थाना और विशेष छापेमारी दल ने रात के अंधेरे में चिन्हित ट्रेनों की सघन जांच की और इन्हे खोज निकाला.
गिरफ्तार महिलाओं में रतनी देवी, शांति देवी उर्फ मंजु देवी, रेखा उर्फ भूली देवी, रीना उर्फ शबरी देवी, इंदिरा देवी, तिलिया देवी, फुलमती कुमारी, शोभा देवी, अंजली कुमारी, रूकसाना और खुशी कुमारी शामिल है जबकि एक कोच अटेंडेंट और दो पुरुष तस्कर में अंकुश कुमार, निखिल कुमार और अभिषेक कुमार शामिल है.
इस कार्रवाई में ट्रेनों में सक्रिय एक बड़े अंतर-जिला गिरोह का खुलासा हुआ है.जांच में सामने आया है कि शराब माफिया जानबूझकर हसीनाओं और महिलाओं को ‘शराब तस्कर परी’ बनाकर आगे कर रहा था, ताकि वे आसानी से ट्रेनों में शराब पहुंचा सकें और पुलिस की नजर से बच सकें.
गिरफ्तार की गई महिला तस्करों में से 7 महिलाएं पहले भी शराब तस्करी के मामलों में जेल जा चुकी हैं, जिससे साफ है कि ये हसीनाएं मासूम नहीं बल्कि माफिया के इशारे पर काम करने वाली शातिर खिलाड़ी हैं.
दानापुर रेल पुलिस की इस कार्रवाई से शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है। साफ है कि अब शराब माफिया हसीनाओं की आड़ में तस्करी कर रहा है, लेकिन पुलिस का कहना है कि ऐसे हर चेहरे को बेनकाब किया जाएगा.



