टाटा मोटर्स की इलेक्ट्रिक कारों को ग्राहकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. कंपनी के मुताबिक, पिछले 6 महीनों में उसकी इलेक्ट्रिक कारों की बुकिंग करीब तीन गुना बढ़ गई है. हालांकि, कंपनी के सामने एक बड़ी चुनौती भी है. मजबूत मांग के बावजूद सीमित प्रोडक्शन क्षमता के कारण वह सभी ग्राहकों को समय पर कार की डिलीवरी नहीं कर पा रही है.

टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के चीफ कमर्शियल ऑफिसर विवेक श्रीवत्स ने बताया कि पिछले 23 महीनों में कंपनी हर महीने इलेक्ट्रिक कारों के बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही है. उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में टाटा और दूसरे नंबर की कंपनी के बीच का अंतर भी बढ़ा है. कंपनी का कहना है कि EV की बुकिंग में 3 गुना बढ़ोतरी हुई है, लेकिन प्रोडक्शन क्षमता सीमित होने के कारण कंपनी इस बढ़ती मांग का पूरा फायदा नहीं उठा पा रही है.
ग्राहकों का बढ़ रहा भरोसा
टाटा मोटर्स का मानना है कि इलेक्ट्रिक कारों को लेकर ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है. कंपनी के पास अलगअलग जरूरतों के हिसाब से कई इलेक्ट्रिक मॉडल मौजूद हैं. यही वजह है कि ग्राहक टाटा की EV को तेजी से पसंद कर रहे हैं. कंपनी को आने वाले त्योहारी सीजन से भी काफी उम्मीदें हैं. सितंबर से दिसंबर के बीच ऑटो सेक्टर में बिक्री मजबूत रहने की संभावना है. टाटा के मुताबिक, जुलाई और अगस्त में भी EV की बिक्री का अच्छा रुझान देखने को मिला है. पहली तिमाही में भारतीय ऑटो इंडस्ट्री की सालाना ग्रोथ करीब 46 फीसदी रही थी. वहीं, EV की बिक्री इससे भी तेज रफ्तार से बढ़ी और इसमें करीब 77 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई.
GST 2.0 का भी मिला फायदा
कंपनी के मुताबिक, सरकार के GST 2.0 बदलावों का असर अभी भी ऑटो बाजार पर दिखाई दे रहा है. सितंबर 2025 में लागू नई GST व्यवस्था के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5 फीसदी GST बरकरार रखा गया. छोटी कारों पर GST को 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किया गया, जबकि बड़ी कारों के लिए GST को 40 फीसदी किया गया. टाटा मोटर्स का मानना है कि GST में बदलाव से कारें ग्राहकों के लिए ज्यादा किफायती हुई हैं. इसके साथ नए मॉडल लॉन्च होने से ग्राहकों के पास विकल्प भी बढ़े हैं.


