
लखनऊ/बहराइच, अमृत विचार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बहराइच में नेपालगंज रोड नानपाराबहराइच रेलखंड और ट्रेन सेवा की शुरुआत को क्षेत्र के विकास की नई शुरुआत बताया। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रुपईडीहा से वाराणसी के लिए स्पेशल ट्रेन रवाना की। रेलमंत्री ने 56 किलोमीटर रेलखंड को ब्रॉडगेज नेटवर्क से जोड़ने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 730 करोड़ रुपये की लागत से ब्रॉडगेज का काम समयसीमा में पूरा हुआ है।
योगी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि “बॉर्डर का क्षेत्र मानकर इस इलाके को पिछड़ेपन का पर्याय बना दिया गया था, जबकि हमारे लिए रुपईडीहाबहराइचनानपारा भारत का प्रवेश द्वार है।” उन्होंने कहा कि पीढ़ियां इस दिन का इंतजार करती रहीं और अब सपना साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले रेल कनेक्टिविटी मीटरगेज तक सीमित थी। अब ब्रॉडगेज से क्षेत्र को वाराणसी समेत बड़े धार्मिक और आर्थिक केंद्रों से जोड़ा जा रहा है। इससे व्यापार, उद्योग, पर्यटन और कृषि को बढ़ावा मिलेगा। कतर्नियाघाट ईको टूरिज्म, अयोध्या, वाराणसी और गोरखपुर तक पहुंच आसान होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहराइच समेत आसपास के जिलों में मेडिकल कॉलेजों का विस्तार हुआ है। श्रावस्ती में एयरपोर्ट बना है और लखनऊबहराइच रोड कनेक्टिविटी को फोरलेन से जोड़ने की स्वीकृति मिली है। बहराइच से खलीलाबाद नई रेललाइन और गोरखपुरसिद्धार्थनगरशोहरतगढ़बलरामपुर होते हुए बहराइच तक कनेक्टिविटी की दिशा में भी काम हो रहा है। योगी ने कहा कि नई रेल सेवा भारतनेपाल के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि भारतनेपाल के संबंध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि साझा सांस्कृतिक विरासत पर आधारित हैं। नेपाल की प्राकृतिक आपदा में मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “दुख की घड़ी में हम सभी नेपाल के साथ हैं।”उन्होंने रेलवे के व्यापक विद्युतीकरण और ब्रॉडगेज विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि “जब पटरी बड़ी होती है तो रास्ते भी बड़े होते हैं, बाजार भी बड़े होते हैं और अवसर भी बड़े होते हैं।” कार्यक्रम में बहराइच सांसद डॉ. आनंद गोंड, डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल समेत विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
‘सालार मसूद के नाम पर देश को अपमानित किया जाता था’
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब एक हजार वर्ष पहले महाराजा सुहेलदेव ने बहराइच में सालार मसूद को परास्त कर विदेशी आक्रांताओं से भारत की रक्षा की थी, लेकिन आजादी के बाद दशकों तक उन्हें विस्मृत किया गया। “सालार मसूद के नाम पर उर्स और मेले लगाकर देश को अपमानित किया जाता रहा, अब विदेशी आक्रांता के नाम पर कोई आयोजन नहीं होता। महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक बनकर तैयार है।”
‘माफिया और इंसेफेलाइटिस, दोनों यूपी से खत्म’
योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में हर जिले में माफिया पाले जाते थे। “अब यूपी में किसी बेटी और व्यापारी को माफिया से भयभीत होने की जरूरत नहीं।” उन्होंने इंसेफेलाइटिस को लेकर भी पूर्व सरकारों पर हमला बोला। कहा कि पहले मासूमों की मौत को अज्ञात बीमारी बताकर पर्दा डाला जाता था, लेकिन उनकी सरकार ने बीमारी के उन्मूलन पर काम किया। “हमने न आंखें फेरीं और न धूल झोंकी। यूपी से माफिया और इंसेफेलाइटिस दोनों समाप्त हो गए।”
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