भारत की बड़ी एडटेक कंपनियों में शामिल Unacademy अब upGrad का हिस्सा बन गई है. upGrad ने Unacademy का अधिग्रहण पूरा कर लिया है. यह सौदा 200 मिलियन डॉलर से थोड़ी ज्यादा, यानी करीब 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की वैल्यू पर हुआ है. खास बात यह है कि इस पूरी डील में कैश का इस्तेमाल नहीं हुआ है. दोनों कंपनियों के बीच 100 फीसदी शेयर स्वैप के जरिए यह सौदा पूरा किया गया है.

Unacademy के कोफाउंडर और CEO गौरव मुंजाल ने मंगलवार को इस डील की जानकारी दी. उन्होंने साफ कहा कि Unacademy को उसकी सबसे ऊंची वैल्यूएशन के मुकाबले काफी कम कीमत पर बेचा गया है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कंपनी की टीम और पिछले कुछ वर्षों में किए गए काम पर गर्व है.
6 साल पहले बनी थी यूनिकॉर्न
गौरव मुंजाल के मुताबिक, करीब छह साल पहले Unacademy को यूनिकॉर्न का दर्जा मिला था. उस समय कंपनी की वैल्यूएशन तेजी से बढ़ रही थी. साल 2021 में Unacademy की वैल्यूएशन करीब 3.4 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी. हालांकि, इसके बाद एडटेक सेक्टर में हालात बदले और कंपनी की वैल्यूएशन में काफी गिरावट आई. मुंजाल ने पिछले साल दिसंबर में बताया था कि Unacademy की वैल्यूएशन 500 मिलियन डॉलर से नीचे आ गई थी. अब कंपनी का अधिग्रहण 200 मिलियन डॉलर से कुछ ज्यादा की वैल्यू पर हुआ है. यानी कंपनी की मौजूदा डील उसकी पीक वैल्यूएशन के मुकाबले काफी कम है.
कभी मुनाफे में थी कंपनी
मुंजाल ने कहा कि कंपनी के पास करीब 400 करोड़ रुपये का टॉपलाइन, यानी कुल कारोबार से होने वाली आय थी. इसके अलावा कंपनी के ज्यादातर कारोबार या तो मुनाफे में थे या मुनाफे के करीब पहुंच चुके थे. उनके अनुसार, Unacademy के बैंक में करीब 900 करोड़ रुपये भी थे. इसलिए कंपनी के पास स्वतंत्र रूप से कारोबार जारी रखने का विकल्प मौजूद था. उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी दबाव में नहीं लिया गया. बल्कि उन्हें लगा कि upGrad के साथ जुड़ना शिक्षा के पूरे क्षेत्र के लिए ज्यादा बेहतर और रोमांचक रास्ता हो सकता है.
पहले भी हुई थी बातचीत
Unacademy और upGrad के बीच इस डील को लेकर पहले भी बातचीत हुई थी, लेकिन जनवरी में दोनों कंपनियों के बीच वैल्यूएशन को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी. इसके बाद बातचीत दोबारा शुरू हुई. मार्च 2026 में दोनों कंपनियों ने घोषणा की थी कि उन्होंने Unacademy को upGrad के साथ जोड़ने के लिए टर्म शीट पर हस्ताक्षर किए हैं. उस समय डील की सही वैल्यूएशन सार्वजनिक नहीं की गई थी. अब सौदा पूरा होने के बाद इसकी कीमत 200 मिलियन डॉलर से थोड़ी ज्यादा सामने आई है. upGrad के कोफाउंडर और चेयरमैन रॉनी स्क्रूवाला ने भी इस डील पर खुशी जताई. उनका मानना है कि दोनों कंपनियों के साथ आने से एजुकेशन सेक्टर में कई बड़े फायदे मिल सकते हैं.
YouTube से हुई थी Unacademy की शुरुआत
Unacademy की शुरुआत साल 2010 में एक YouTube चैनल के तौर पर हुई थी. इसके बाद 2015 में इसे एक ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म के रूप में लॉन्च किया गया. कोरोना महामारी के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई की मांग तेजी से बढ़ी और Unacademy का कारोबार भी तेजी से आगे बढ़ा. लेकिन महामारी खत्म होने के बाद जब छात्र दोबारा स्कूल और कोचिंग सेंटर जाने लगे, तो ऑनलाइन एजुकेशन कंपनियों के सामने नई चुनौतियां आईं. इसके साथ ही एडटेक सेक्टर में प्रतियोगिता भी बढ़ गई. मुंजाल ने बताया कि Unacademy के फ्री प्लेटफॉर्म ने ऐसे कई शिक्षकों को लोकप्रिय बनाया, जो बाद में इंटरनेट पर सेलिब्रिटी एजुकेटर बन गए. इन शिक्षकों के YouTube वीडियो को कुल मिलाकर 10 अरब से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं.



