कीव/खार्किव: रूसयूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन में शिक्षा व्यवस्था ने सुरक्षा के लिए नया रास्ता अपनाया है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे वाले इलाकों में बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए जमीन के नीचे स्कूल और सुरक्षित कक्षाएं तैयार की जा रही हैं।

बंकर बने बच्चों की नई कक्षा
खार्किव जैसे युद्ध प्रभावित इलाकों में भूमिगत स्कूलों में कक्षाएं, पुस्तकालय, भोजन की व्यवस्था और सुरक्षित आश्रय जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यहां बच्चे सामान्य स्कूल की तरह डेस्क पर बैठकर पढ़ाई करते हैं, लेकिन इन कक्षाओं की सबसे बड़ी खासियत उनकी सुरक्षा है।
74 स्कूलों की चर्चा, लक्ष्य और भी बड़ा
यूक्रेन में भूमिगत स्कूलों का निर्माण युद्ध के दौरान शिक्षा को जारी रखने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। मई 2025 में यूक्रेन के पुनर्निर्माण मंत्रालय ने बताया था कि सात फ्रंटलाइन क्षेत्रों में ऐसे स्कूल बनाए जा रहे हैं और वर्ष के अंत तक करीब 200 भूमिगत स्कूल खोलने की योजना थी।
बच्चों के लिए पढ़ाई से ज्यादा है ये स्कूल
इन सुरक्षित स्कूलों का उद्देश्य सिर्फ किताबकॉपी की पढ़ाई जारी रखना नहीं है। युद्ध के कारण लंबे समय तक ऑनलाइन पढ़ने वाले बच्चों को दोबारा सहपाठियों और शिक्षकों के साथ प्रत्यक्ष वातावरण देने की कोशिश भी है। UNHCR के मुताबिक खार्किव क्षेत्र में नए भूमिगत स्कूलों के जरिए हजारों बच्चे आमनेसामने पढ़ाई पर लौट सके।
युद्ध के बीच भविष्य की तैयारी
सितंबर 2026 में भी यूक्रेन के स्कूलों को हवाई हमलों के खतरे के बीच पढ़ाई का तरीका लगातार बदलना पड़ रहा है। देश में हजारों स्कूल आमनेसामने, ऑनलाइन या मिश्रित व्यवस्था में संचालित हो रहे हैं।
युद्ध ने यूक्रेन के बच्चों की पढ़ाई को मुश्किल जरूर बनाया है, लेकिन भूमिगत स्कूल यह संदेश दे रहे हैं कि मिसाइलों के साए में भी शिक्षा रुकने नहीं दी जाएगी।



