
श्रीलंका क्रिकेट टीम को इंग्लैंड दौरे से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के कप्तान कुसल मेंडिस मांसपेशियों की चोट से समय पर उबर नहीं सके हैं और अब वह इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में नहीं खेल पाएंगे। उनकी गैरमौजूदगी में चरित असलंका टीम की कप्तानी संभालेंगे।
बता दें कि कुसल मेंडिस को जुलाई में लंका प्रीमियर लीग के दौरान कोलंबो कैप्स की ओर से खेलते हुए चोट लगी थी। प्रतियोगिता में केवल दो मुकाबले खेलने के बाद उनकी जांघ की पिछली मांसपेशी में खिंचाव की समस्या सामने आई थी। इस चोट के कारण वह भारत के खिलाफ घरेलू मैदान पर खेली गई दो टेस्ट मैचों की सीरीज से भी बाहर हो गए थे। अब तक पूरी तरह फिट नहीं होने के चलते इंग्लैंड के खिलाफ सबसे छोटे प्रारूप की श्रृंखला से भी उन्हें बाहर बैठना पड़ेगा।
मौजूद जानकारी के अनुसार, चरित असलंका को पहले इस दौरे के लिए उपकप्तान बनाया गया था, लेकिन अब उन्हें सीधे टीम की कमान सौंपी गई है। यह सीरीज उनके लिए छोटे प्रारूप में वापसी का भी मौका होगी। असलंका को जून में वेस्टइंडीज दौरे के लिए श्रीलंका की टी20 टीम में जगह नहीं मिली थी। ऐसे में कप्तानी की जिम्मेदारी के साथ उनकी वापसी भी टीम के लिए अहम मानी जा रही है।
कुसल मेंडिस की जगह बल्लेबाज पवन रथनायके को टीम में शामिल किया गया है। वहीं बाएं हाथ के तेज गेंदबाज बिनुरा फर्नांडो की जगह दिलशान मदुशंका को भी टीम में बुलाया गया है। बिनुरा पीठ की चोट से परेशान हैं और इसी वजह से वह टी20 श्रृंखला में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 15 सितंबर को साउथम्पटन के रोज बाउल मैदान में खेला जाएगा। दोनों टीमों के लिए यह श्रृंखला आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। श्रीलंका को खास तौर पर अपने प्रमुख खिलाड़ियों की उपलब्धता और फिटनेस पर नजर रखनी होगी।
श्रीलंका की संशोधित टीम में कप्तान चरित असलंका के अलावा पथुम निसांका, कमिल मिशारा, लाहिरु उदारा, कामिंदु मेंडिस, जनिथ लियानगे, दासुन शनाका, दुनिथ वेल्लालागे, वानिंदु हसरंगा, महीश तीक्षणा, थारिंदु रथनायके, दुश्मंथा चमीरा, ईशान मलिंगा, नुवान तुषारा, पवन रथनायके और दिलशान मदुशंका शामिल हैं।
गौरतलब है कि कुसल मेंडिस श्रीलंका के अहम बल्लेबाजों में गिने जाते हैं और टीम की कप्तानी भी संभाल रहे थे। ऐसे में उनका बाहर होना श्रीलंका के लिए बड़ा नुकसान है। दूसरी ओर चरित असलंका के सामने युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के मिश्रण वाली टीम को संभालने की चुनौती होगी। इंग्लैंड की मजबूत टीम के खिलाफ उनकी कप्तानी की असली परीक्षा 15 सितंबर से शुरू होने वाली है।



