Karnataka News: कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले से गुरु और शिष्य के रिश्ते को शर्मसार करने वाली एक अमानवीय घटना सामने आई है. यहां सागर तालुका के शरावती बैकवाटर स्थित थुमारी ग्राम पंचायत के किरुवासे जूनियर प्राइमरी स्कूल में तैनात एक अतिथि शिक्षिका ने मासूम छात्रों के साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं. केवल परीक्षा में कम अंक आने के मामूली कारण पर शिक्षिका ने कक्षा 2, 3 और 4 में पढ़ने वाले तीन मासूम बच्चों की लाठी से तब तक पिटाई की, जब तक कि उनकी पीठ से खून नहीं निकल आया.

घटना के दिन बच्चे जब स्कूल से रोते हुए अपने घर पहुंचे, तो परिजनों ने उनकी पीठ पर खून के धब्बे और चोट के नीलेकाले निशान देखे. पूछने पर मासूमों ने बताया कि परीक्षा में कम अंक आने के कारण अतिथि शिक्षिका रक्षिता ने गुस्से में आकर उन्हें लाठियों से बेरहमी से पीटा था. मासूम बच्चों के साथ हुई इस हैवानियत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में आक्रोश व्याप्त हो गया.
स्कूल के बाहर ग्रामीणों और अभिभावकों का प्रदर्शन
शिक्षिका के इस अमानवीय व्यवहार से गुस्साए दर्जनों अभिभावक और स्थानीय ग्रामीण किरुवासे स्कूल परिसर में एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. ग्रामीणों ने आरोपी शिक्षिका के खिलाफ सख्त कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की तथा स्कूल प्रशासन के प्रति भारी असंतोष जताया. सार्वजनिक आक्रोश और मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग तुरंत हरकत में आया.
शिक्षिका सेवा से बर्खास्त, बच्चों के इलाज की व्यवस्था
मामले की जानकारी मिलते ही शिवमोग्गा के उप निदेशक सार्वजनिक शिक्षण एस.आर. मंजुनाथ ने तत्काल आदेश जारी कर आरोपी शिक्षिका रक्षिता को नौकरी से बर्खास्त कर दिया. इसके साथ ही घायल बच्चों के समुचित इलाज की व्यवस्था कराई गई.
DDPI ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिले के सभी शिक्षकों को सख्त चेतावनी दी है कि स्कूलों में बच्चों को किसी भी स्थिति में शारीरिक दंड या मानसिक प्रताड़ना देना पूरी तरह प्रतिबंधित है. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.



