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​Barabanki Flood : खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची सरयू, एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में; कोडरी समेत कई गांवों में राहत सामग्री की कमी

​Barabanki Flood : खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची सरयू, एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में; कोडरी समेत कई गांवों में राहत सामग्री की कमी

रामनगर/बाराबंकी, अमृत विचार। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाराबंकी के रामनगर और सूरतगंज क्षेत्र में बाढ़ और कटान का संकट गहराता जा रहा है। रविवार शाम छह बजे नदी का जलस्तर 106.370 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से 30 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने के साथ तहसील क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है, जबकि कटान से किसानों की जमीन और फसलें प्रभावित हो रही हैं।

तपेसिपाह में तेज कटान, किसानों की जमीन प्रभावित

तपेसिपाह गांव में संजय सेतु के आसपास सरयू नदी के तेज कटान से किसानों की फसल लगी जमीन प्रभावित हो रही है। नदी लगातार किनारों को काट रही है, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। वहीं नदी के मुहाने पर बसे कोरिनपुरवा गांव के पास कराए गए बाढ़ राहत कार्य से कटान में कुछ राहत मिलने की बात सामने आई है। हालांकि गांव में बिजली व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को रात के समय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अंधेरे के कारण विषैले जीवजंतुओं का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार रात गांव निवासी मंगल को सांप ने काट लिया था।

हेतमापुर इलाके में एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में

उधर, सूरतगंज क्षेत्र के हेतमापुर इलाके में कटान के साथ बांध के अंदर बसे करीब एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सुंदरनगर गांव के कई घरों में पानी पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने बांध पर शरण ले रखी है। कोडरी गांव भी पिछले दो दिनों से चारों ओर से पानी से घिरा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि जलभराव के बावजूद लंच पैकेट और राहत सामग्री का पर्याप्त वितरण नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि करीब 20 दिन पहले राशन और लंच पैकेट मिले थे, लेकिन इसके बाद राहत सामग्री नहीं पहुंची।

कई गांवों में जलभराव, राहत सामग्री की मांग

ललपुरवा, बाबापुरवा, बलईपुर, बेलाहरी, साइनतकिया, मदरहा, कोयलीपुरवा, सकतापुर, अकौना और माधवपुरवा समेत कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित गांवों में नियमित राहत सामग्री, पेयजल और भोजन उपलब्ध कराने की मांग की है। लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच ग्रामीणों को बाढ़ की स्थिति और बिगड़ने की आशंका सता रही है।

प्रशासन बोला प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर

तहसीलदार विपुल सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोडरी गांव बाढ़ से प्रभावित है तो वहां जल्द ही लंच पैकेट और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाई जाएगी। सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बने रहने के कारण प्रशासन की निगरानी बढ़ गई है। वहीं ग्रामीणों की नजर अब नदी के जलस्तर और राहत कार्यों पर टिकी है।

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