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​सपा की सियासत में अब लाल के साथ नीला रंग… दलित वोट बैंक और Gen-Z पर नजर, क्या है अखिलेश यादव का प्लान?

समाजवादी पार्टी अब अपने लाल सियासी रंग के साथ नीले को भी जोड़ने की तैयारी में है. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी छात्र और युवा वोटरों के साथ दलित वर्ग को साधने के लिए समाजवादी छात्र सभा के ड्रेस कोड में बड़ा बदलाव करने जा रही है. समाजवादी पार्टी छात्र सभा के कार्यकर्ता अब लाल टोपी और लाल रंग की पहचान से आगे बढ़कर नीली टीशर्ट और जींस में नजर आएंगे.

​सपा की सियासत में अब लाल के साथ नीला रंग… दलित वोट बैंक और Gen-Z पर नजर, क्या है अखिलेश यादव का प्लान?

पार्टी के मुताबिक, नीले रंग को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और दलित चेतना के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है. ऐसे में छात्र सभा के कार्यकर्ताओं के सपा का यह नया प्रयोग उसके PDA के D यानी दलित वोट बैंक के साथसाथ GenZ को जोड़ने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. खास बात यह है कि अखिलेश यादव भी हाल के कुछ कार्यक्रमों में लाल की जगह नीला गमछा ओढ़े नजर आए हैं. यानी चुनावी समर से पहले सपा की सियासत में अब लाल के साथ नीला रंग भी गहराता दिख रहा है.

नई यूनिफॉर्म लॉन्च करने की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, सपा प्रमुख अखिलेश यादव मंगलवार को लखनऊ में पार्टी हेडक्वार्टर में इस नई यूनिफॉर्म को आधिकारिक तौर पर लॉन्च करेंगे. इस बड़े लॉन्च इवेंट के लिए राज्य भर से सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं को खास तौर पर पार्टी ऑफिस बुलाया गया है. इसके अलावा, अलगअलग यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के स्टूडेंट यूनियन के पूर्व और मौजूदा अध्यक्षों के साथसाथ प्रमुख छात्र नेताओं को भी इस ऐतिहासिक मौके पर शामिल होने के लिए बुलाया गया है.

स्टूडेंट विंग के लिए नया ड्रेस कोड

संविधान के निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों और विचारधारा से गहराई से प्रभावित होकर, समाजवादी पार्टी ने अपने स्टूडेंट विंग के लिए नीला रंग चुना है. इस नई व्यवस्था के तहत, समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी अब नीले रंग के कपड़े पहने हुए दिखाई देंगे.

बड़ा राजनीतिक कदम

राजनीतिक जानकारों का मानना ​​है कि समाजवादी पार्टी का नीले रंग की ओर यह अचानक झुकाव, जो पारंपरिक रूप से लाल रंग से पहचानी जाती रही है, कोई इत्तेफाक नहीं है. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में नीला रंग लंबे समय से दलित आंदोलनों और बहुजन समाज पार्टी से जुड़ा रहा है. हाल ही में अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव को भी नीले रंग का स्कार्फ पहने देखा गया था. छात्र संगठन के लिए नीला ड्रेस कोड अपनाने का फैसला एक सोचीसमझी रणनीति है, जिसका मकसद सीधे तौर पर दलित वोटरों को पार्टी से जोड़ना है.

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