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लिवर खराब होने से पहले शरीर में दिखते हैं ये 7 संकेत..?

लिवर खराब होने से पहले शरीर में दिखते हैं ये 7 संकेत..?

मानव शरीर में लिवर (Liver) दूसरा सबसे बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो भोजन को पचाने से लेकर शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने तक 500 से अधिक काम करता है। लेकिन आजकल के बिगड़ते लाइफस्टाइल, जंक फूड, शराब का अत्यधिक सेवन और शारीरिक निष्क्रियता के कारण लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। लिवर की सबसे खास और चिंताजनक बात यह है कि शुरुआती चरणों में इसमें परेशानी होने पर बॉडी में किसी तरह के कोई लक्षण आसानी से नहीं दिखते। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और हेपेटोलॉजिस्ट्स के अनुसार, लिवर में कोई भी समस्या शुरू होने पर शरीर स्किन के जरिए, पाचन और एनर्जी लेवल के स्तर के माध्यम से कुछ शुरुआती वार्निंग साइन देने लगता है। अगर इन लक्षणों को सही समय पर पहचान लिया जाए, तो लिवर को गंभीर क्षति या लिवर सिरोसिस जैसी जानलेवा स्थिति में पहुंचने से पहले पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

जनरल फिजिशियन, कंसल्टेंट फिजिशियन और इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. शालिनी सिंह सालुंके ने बताया बॉडी में दिखने वाले लिवर की खराबी के लक्षणों को अगर शुरुआत में ही पहचान लिया जाए तो आसानी से इस परेशानी को समय रहते दुरुस्त किया जा सकता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि लिवर में खराबी होने पर बॉडी में कौन कौन से लक्षण दिखते है।

खाना खाने के बाद पेट फूलना

डॉक्टर ने बताया खाना खाने के बाद पेट फूलना या ब्लोटिंग फैटी लिवर से जुड़ा संकेत हो सकता है। हालांकि, पेट फूलने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए केवल इस लक्षण के आधार पर फैटी लिवर की पुष्टि नहीं की जा सकती। लिवर का मुख्य काम भोजन को पचाने के लिए पित्त (Bile) का निर्माण करना है। जब लिवर की कोशिकाओं में अत्यधिक वसा (Fat) जमा हो जाती है, तो इसका असर पाचक एंजाइम और पित्त के स्राव पर पड़ सकता है। इससे खाना सही तरीके से नहीं पचता, जिससे पेट में गैस और ब्लोटिंग महसूस होती है।

पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में भारीपन

लिवर शरीर के दाहिने ऊपरी हिस्से में, पसलियों के ठीक नीचे स्थित होता है। लिवर से जुड़ी कुछ समस्याओं में इस हिस्से में दर्द, दबाव, भारीपन या असहजता महसूस हो सकती है। हालांकि, हर बार इस तरह का दर्द लिवर की बीमारी का संकेत नहीं होता। लगातार या बार-बार होने वाली परेशानी को नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

अत्यधिक थकान और कमजोरी

लिवर की कुछ बीमारियों में व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी और ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है। पर्याप्त नींद लेने के बाद भी अगर शरीर में सुस्ती बनी रहती है और रोजमर्रा के काम करने में परेशानी होने लगे, तो इसके कई कारण हो सकते हैं। केवल थकान के आधार पर लिवर की बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता, इसलिए लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

स्किन और आंखों का पीला पड़ना

लिवर से जुड़ी समस्या में पीलिया एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। इसमें आंखों का सफेद हिस्सा और स्किन पीली दिखाई देने लगती है। ऐसा शरीर में बिलीरुबिन का स्तर बढ़ने के कारण हो सकता है। पीलिया के लिए और भी कई हेल्थ कंडीशन जिम्मेदार हो सकती हैं। इसलिए स्किन या आंखों में पीलापन नजर आने पर इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से उचित जांच कराएं।

भूख कम होना और वजन घटना

लिवर की कुछ बीमारियों के दौरान भूख कम लगना या खाने में रुचि घट जाना जैसी समस्या हो सकती है। लंबे समय तक भूख कम रहने से व्यक्ति का वजन भी कम हो सकता है। अगर बिना किसी खास कोशिश के लगातार वजन घट रहा है और इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो इसे सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

मतली या उल्टी होना

लिवर की कुछ समस्याओं में मतली, उल्टी या पेट संबंधी परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों को खाने के बाद पेट भारी लगना या असहजता भी महसूस हो सकती है। हालांकि, मतली और उल्टी के पीछे अपच, संक्रमण, गैस्ट्रिक समस्या समेत कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। इसलिए केवल इस लक्षण के आधार पर लिवर की बीमारी मान लेना सही नहीं है।

पेशाब और मल का रंग गहरा होना

पेशाब और मल का रंग सामान्य से अधिक गहरा पीला या भूरा होना कुछ मामलों में लिवर या पित्त संबंधी समस्या से जुड़ा हो सकता है, खासकर जब इसके साथ पीलिया जैसे लक्षण भी मौजूद हों। हालांकि, शरीर में पानी की कमी होने पर भी पेशाब गहरा दिखाई दे सकता है। अगर यह बदलाव लगातार बना रहे या अन्य लक्षणों के साथ हो, तो डॉक्टर से जांच कराएं।

लिवर को हेल्दी रखने के लिए डाइट और लाइफस्टाइल में करें ये बदलाव

लिवर को हेल्दी रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। पानी शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ लिवर के कामों को सुचारू रूप से चलाने में भी मदद करता है।

लिवर को हेल्दी रखने के लिए अनहेल्दी और ट्रांस फैट की बजाय हेल्दी फैट का सेवन करें। डाइट में एवोकाडो, जैतून का तेल, नट्स और फैटी फिश का सेवन करें।

नट्स और सीड्स को बनाएं डाइट का हिस्सा। इसमें हेल्दी फैट, फाइबर, प्रोटीन तथा एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो सेहत को हेल्दी रखते हैं। डाइट में बादाम, अखरोट, चिया सीड्स, अलसी के बीज और कद्दू के बीज का सेवन करें।

डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं। फाइबर युक्त भोजन पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के साथ-साथ लिवर की सेहत को भी सपोर्ट करता है।

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए डाइट में रंग-बिरंगे फल और सब्जियां जरूर शामिल करें।

वजन को कंट्रोल करें और बॉडी को एक्टिव रखें। रोजाना वॉक और एक्सरसाइज करें।

शराब का सेवन लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है इसलिए उससे परहेज करें।

कोल्ड ड्रिंक, मीठे पैकेज्ड जूस, एनर्जी ड्रिंक और ज्यादा चीनी वाली चीजों का सेवन सीमित करें।

ब्लड शुगर, ट्राइग्लिसराइड और कोलेस्ट्रॉल का असंतुलन फैटी लिवर से जुड़ा हो सकता है। नियमित जांच और डॉक्टर द्वारा बताए गए उपचार का पालन करना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। लिवर से जुड़ी किसी बीमारी या समस्या के निदान और इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह और जरूरी जांच कराएं।

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