Moradabad Unsafe Buildings Survey: देश की राजधानी दिल्ली में इमारत गिरने के बाद उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद शहर में संभावित हादसों को रोकने और जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निगम ने जर्जर भवनों के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है. सार्वजनिक सूचनाओं और जिला प्रशासन से प्राप्त शिकायतों के आधार पर नगर निगम की टीमें लगातार विभिन्न क्षेत्रों में जाकर भवनों का भौतिक सत्यापन कर रही हैं.

मामले की जानकारी देते हुए अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि जर्जर स्थिति वाले भवनों का आकलन करने के बाद अब तक 17 भवनों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जबकि अत्यधिक जर्जर पाए गए 3 भवनों को सील कर दिया गया है. अपर नगर आयुक्त ने बताया कि यह सतर्कता हाल ही में हुई एक घटना के बाद और बढ़ा दी गई है.
समय रहते भवन को खाली कराया गया
अपर नगर आयुक्त ने बताया कि दिन पहले एक बेहद जर्जर भवन की सूचना मिलने पर नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से त्वरित कार्रवाई की थी. समय रहते भवन को खाली करा लिया गया था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया. हादसे में केवल सामान और मलबे की मामूली क्षति हुई, जबकि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है.
नगर निगम की टीमें अपनेअपने क्षेत्रों में सक्रिय
अपर नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नगर निगम की टीमें अपनेअपने क्षेत्रों में पूरी तरह सक्रिय हैं. हर सूचना का मौके पर जाकर सत्यापन किया जा रहा है और स्थिति के अनुसार नोटिस व सीलिंग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. बता दें कि दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर को 5 मंजिला इमारत गिर गई थी. इसमें पांच छात्रों समेत सात लोगों की मौत हो गई है.
सत्य निकेतन हादसे में पीजी मालिक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
इस हादसे बाद करीब 27 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला था. मलबे से कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया, जिसमें सात की मौत हो गई, जबकि पांच घायलों का इलाज जारी है. हादसे के मामले में पुलिस ने पीजी मालिक हरिराम गुप्ता, उसकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को अरेस्ट किया है. हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि महेश को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है.



