
गोंडा, अमृत विचार : पुरानी पेंशन योजना की बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारी और शिक्षक संगठन अब केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में हैं। ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल के नेतृत्व में देशभर के कर्मचारी एवं शिक्षक संगठनों ने आगामी 22 नवंबर को संसद सत्र के दौरान दिल्ली में राष्ट्रव्यापी आंदोलन करने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में आयोजित महापंचायत में जम्मूकश्मीर, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड समेत विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 300 पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। महापंचायत में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त करने और आठवें वेतन आयोग को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन की रणनीति तय की गई।
फेडरेशन के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अंकुर त्रिपाठी ने कहा कि देशभर के लाखों कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर 22 नवंबर को दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लंबे समय से उठाया जा रहा है, लेकिन सरकार की ओर से इस पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से कर्मचारियों के भविष्य की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन के सभी लाभ बहाल करने की मांग की।
गोंडा के जिला संयोजक कृष्ण गोपाल दूरबार ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा अहम मुद्दा है। इसे लेकर देशभर के कर्मचारी और शिक्षक संगठन एकजुट हैं। उन्होंने जिले के कर्मचारियों और शिक्षकों से 22 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के जरिए सरकार तक कर्मचारियों की आवाज मजबूती से पहुंचाई जाएगी और पुरानी पेंशन समेत अन्य मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की जाएगी।


