वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर अपनी क्रिकेटिंग समझ को लेकर चर्चा में हैं। शेरएपंजाब टी20 लीग में अमृतसर सूरमाज और फाजिल्का फाल्कन्स के मुकाबले के दौरान वैभव ने गेंदबाजी में ऐसा कमाल किया, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। उनकी गेंद पर ईशान किशन के खिलाफ एलबीडब्ल्यू की अपील हुई, लेकिन अंपायर ने नॉट आउट करार दिया। इसके बाद वैभव ने कप्तान शुभमन गिल को DRS लेने के लिए राजी किया और रिव्यू में फैसला बल्लेबाज के खिलाफ गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

Vaibhav Suryavanshi की गेंद पर अंपायर ने दिया नॉट आउट
मुकाबले में ईशान किशन बल्लेबाजी कर रहे थे और वैभव सूर्यवंशी गेंदबाजी करने आए। वैभव की गेंद सीधे ईशान के पैड पर लगी। गेंदबाज ने जोरदार अपील की, लेकिन मैदानी अंपायर ने अपील को खारिज करते हुए ईशान को नॉट आउट दे दिया।
इसके बाद वैभव ने कप्तान शुभमन गिल से DRS लेने के लिए बातचीत की। कप्तान ने उनकी बात मानते हुए रिव्यू लिया। टीवी रिप्ले में गेंद के विकेटों से टकराने की पुष्टि हुई और मैदानी अंपायर का फैसला पलट गया। इस तरह वैभव की समझदारी ने टीम को ईशान किशन का महत्वपूर्ण विकेट दिलाने में मदद की।
14 साल के Vaibhav Suryavanshi ने दिखाया जबरदस्त कॉन्फिडेंस
वैभव सूर्यवंशी अभी बेहद कम उम्र में ही टी20 क्रिकेट में अपनी पहचान बना रहे हैं। बल्लेबाजी में बड़े शॉट खेलने के लिए मशहूर वैभव ने इस मुकाबले में गेंद से भी अपनी क्रिकेटिंग समझ दिखाई। ईशान किशन जैसे अनुभवी बल्लेबाज के खिलाफ DRS का फैसला लेने के लिए कप्तान को मनाना आसान नहीं था। लेकिन वैभव का आत्मविश्वास सही साबित हुआ और टीम को बड़ा विकेट मिल गया।
यही वजह है कि सोशल मीडिया पर फैंस उनके इस ‘मास्टरस्ट्रोक’ की जमकर तारीफ कर रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद क्रिकेट फैंस के बीच वैभव की गेंदबाजी और उनकी निर्णय लेने की क्षमता चर्चा का विषय बन गई है। कम उम्र में इस तरह का आत्मविश्वास दिखाना उनके भविष्य के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है।
ईशान किशन का विकेट बना मैच का बड़ा पल
ईशान किशन का विकेट अमृतसर सूरमाज के लिए बड़ा झटका था। विकेट हासिल करने में वैभव सूर्यवंशी की भूमिका अहम रही। गेंदबाजी के साथसाथ उन्होंने DRS के मामले में जो भरोसा दिखाया, उसने इस पल को और खास बना दिया। वैभव की यह समझदारी एक बार फिर बताती है कि टी20 क्रिकेट में सिर्फ रन बनाने की क्षमता ही जरूरी नहीं होती, बल्कि मैदान पर तेजी से सही फैसले लेना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।



