
Buxar Crime News: बिहार के बक्सर जिले से बेहद गंभीर मामला सामने आया है। डुमरांव प्रखंड के एक मध्य विद्यालय के दो शिक्षकों पर कई नाबालिग छात्राओं के साथ कथित तौर पर यौन शोषण करने और उनकी आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करने के आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
बताया जा रहा है कि घटना से जुड़े वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद परिवारों और ग्रामीणों को मामले की जानकारी हुई। इसके बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने दोनों शिक्षकों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
कई महीनों से शोषण का आरोप
स्थानीय लोगों की शिकायत के अनुसार, दोनों शिक्षकों पर आरोप है कि वे कई महीनों से छात्राओं का शोषण कर रहे थे। आरोप यह भी है कि इस दौरान कुछ घटनाओं की रिकॉर्डिंग की गई और बाद में वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित छात्राओं के परिवारों को मामले की जानकारी मिली। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को किया निलंबित
मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं, पुलिस ने नाबालिगों से जुड़े आरोपों को देखते हुए पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं और मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
ग्रामीणों ने स्कूल में किया हंगामा
आरोपों की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल परिसर में पहुंच गए। दोनों शिक्षकों को घेरकर उनके साथ मारपीट की गई। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर कृष्णाब्रह्म थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को भीड़ से बचाया।
पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। वायरल वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो किसने बनाया, इसे इंटरनेट पर किसने प्रसारित किया और इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
एसपी ने कहा- मामले में सख्त कार्रवाई होगी
बक्सर के पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की विशेष टीमें पीड़ित परिवारों के बयान और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।
नाबालिग पीड़िताओं की पहचान और उनकी निजता को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।



