

Vitamin D3: स्वस्थ रहने के लिए विटामिन डी बहुत जरूरी है। विटामिन डी केवल एक विटामिन नहीं है। यह पोषक तत्वों का एक परिवार है जो विटामिन डी2 और विटामिन डी3 से मिलकर बनता है। ये दोनों विटामिन मिलकर शरीर में विटामिन डी की कमी को पूरा करते हैं। हालांकि कई रिसर्च में ये पता चला है कि विटामिन डी3 विटामिन डी2 के मुकाबले खून में विटामिन डी के स्तर को बढ़ाने में अधिक प्रभावी है। विटामिन डी2 और विटामिन डी3 के सोर्स अलग अलग हैं।
विटामिन डी3 धूप में रहने, नॉनवेज, फैटी फिश, मछली का तेल और अंडे की जर्दी में पाया जाता है। जबकि विटामिन डी2 प्लांट बेस्ड फूड में पाया जाता है। विटामिन डी2 मशरूम, फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ, डाइटरी सप्लीमेंट्स में पाया जाता है। इसलिए विटामिन डी3 की कमी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विटामिन डी3 की कमी होने पर शरीर में कुछ लक्षण साफ नजर आते हैं। अगर आप बार-बार बीमार हो रहे हैं तो विटामिन डी कम हो सकता है। विटामिन डी3 की कमी से इम्यूनिटी पर असर पड़ता है। इम्यून सिस्टम कमजोर होने पर आप बार-बार बीमार होते हैं और सर्दी-खांसी या बुखार जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे लोगों को दिनभर थकान और कमजोरी रहती है। किसी काम में मन नहीं लगता है। दिनभर शरीर में टूटन जैसी महसूस होती है। इसका बड़ा कारण शरीर में विटामिन डी3 की कमी है। शरीर में विटामिन डी कम होने पर नींद आना या ऊर्जा में कमी महसूस होती है। विटामिन डी2 और डी3 की कमी होने पर हड्डियां कमजोर हो जाती है। शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है जिससे जोड़ो में दर्द, पीठ और मसल्स में दर्द महसूस होता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए विटामिन डी की जरूरत होती है। विटामिन डी सही मात्रा में होने से ऑस्टियोपोरोसीस या फ्रैक्चर का खतरा कम होता है। विटामिन डी3 खून से कैल्शियम सोखने में अहम् भूमिका निभाता है। इससे हड्डियां मजबूत बनती हैं। मांसपेशियां के कमजोर होने, दर्द होने और कार्य क्षमता को बढ़ाने के लिए भी विटामिन डी3 की जरूरत होती है। इससे मसल्स फंक्शन बेहतर बनता है। हार्ट की बीमारियों को दूर रखने और हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में भी विटामिन डी3 मदद करता है। अगर शरीर में विटामिन डी3 सही मात्रा में है तो इससे कोलोन कैंसर होने का खतरा काफी कम हो जाता है।
विटामिन डी3 का सबसे अच्छा सोर्स धूप है। रोजाना कुछ देर धूप में बिताने से विटामिन डी की कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है। इसके अलावा खाने में फैटी फिश जैसे सैल्मन, सार्डिन, ट्राउट, हेरिंग या मैकेरल खाने से विटामिन डी3 मिलता है। लाल मांस, कॉड लिवर और अंडे की जर्दी में भी विटामिन डी3 पाया जाता है।





