Vijay Mallya India Return: में रह रहे ने एक बार फिर और मीडिया पर उनके साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। बुधवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट करते हुए माल्या ने कहा कि वे भारत लौटना चाहते हैं, लेकिन ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।

माल्या ने खुद को ‘’ कहे जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार ऐसे व्यक्ति के तौर पर पेश किया जा रहा है, जिसने बैंकों को धोखा दिया, जबकि उनके मुताबिक उनकी संपत्तियों से बैंकों को बड़ी रकम वापस मिल चुकी है।
‘मुझे लगता है, कॉकरोच बन जाना चाहिए’
विजय माल्या ने अपने पोस्ट में हाल के ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए लिखा कि उनके साथ हो रहे अन्याय को देखकर उन्हें लगता है कि उन्हें कॉकरोच बन जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शायद कॉकरोच बनकर वे बेहतर जिंदगी जी सकें। माल्या ने यह भी दोहराया कि वे भगोड़े नहीं हैं और ब्रिटेन की कानूनी प्रक्रिया ही उन्हें भारत लौटने से रोक रही है।
माल्या ने ED के हलफनामे का हवाला दिया
माल्या ने बॉम्बे हाईकोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दाखिल बताए गए एक हलफनामे का हिस्सा भी सोशल मीडिया पर साझा किया। उनका दावा है कि इसमें उनकी संपत्तियों से बैंकों को हुई वसूली का उल्लेख है। माल्या के मुताबिक, हलफनामे में 2021 में करीब ₹14,131.60 करोड़ की वसूली का जिक्र किया गया है। उन्होंने इसी आंकड़े को आधार बनाकर सवाल उठाया कि जब बैंकों को इतनी बड़ी रकम वापस मिल चुकी है, तो उन्हें अब भी बैंकों को धोखा देने वाला क्यों बताया जा रहा है।माल्या ने लिखा कि पांच साल बाद भी उन्हें गलत तरीके से ‘भगोड़ा’ बताया जा रहा है। उन्होंने वसूली से जुड़ी एक टेबल भी साझा की और कहा कि मीडिया को यह सवाल भी पूछना चाहिए कि अगर इतनी रकम वसूल की जा चुकी है तो उन्हें उनका रिफंड कब मिलेगा।
2016 में भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे
विजय माल्या पर किंगफिशर एयरलाइंस के लिए SBI समेत कई बैंकों से करीब ₹9,000 करोड़ का कर्ज लेने और उसे नहीं चुकाने के आरोप हैं। बैंकों के कर्ज और CBIED की जांच के बीच माल्या 2 मार्च 2016 को भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे। इसके बाद भारत में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी। साल 2019 में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया था। भारत सरकार लंबे समय से ब्रिटेन से माल्या के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है।
क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून?
भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम ऐसे आर्थिक अपराधों के मामलों में लागू होता है, जिनमें आरोपी व्यक्ति भारत में कानूनी कार्रवाई या गिरफ्तारी से बचने के लिए देश छोड़ देता है। इस कानून के तहत अदालत को आरोपी की भारत और विदेश में मौजूद संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार मिल सकता है। इन संपत्तियों को बेचकर या नीलाम करके बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों का बकाया वसूलने की प्रक्रिया भी की जा सकती है।
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने फरवरी में दिया था आखिरी मौका
फरवरी 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या के मामले में कड़ा रुख अपनाया था। कोर्ट ने कहा था कि जो व्यक्ति जानबूझकर अदालती कार्यवाही से बचता है, वह न्यायसंगत राहत की मांग नहीं कर सकता। कोर्ट ने माल्या को यह स्पष्ट करने का आखिरी मौका दिया था कि वे भारत लौटना चाहते हैं या नहीं। माल्या ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून और खुद को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने को चुनौती दी है।फिलहाल माल्या ब्रिटेन में हैं और भारत में उनके खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया के बीच उनकी वापसी का मुद्दा बना हुआ है।
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