CrimeIndiaTrending

पति की तबीयत खराब होने का झांसा देकर बुलाया, सुनसान बंगले में महिला से गैंगरेप..

पति की तबीयत खराब होने का झांसा देकर बुलाया, सुनसान बंगले में महिला से गैंगरेप..

ओडिशा के जाजपुर जिले में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की बेहद गंभीर घटना सामने आई थी। आरोप था कि महिला को उसके पति की तबीयत खराब होने की झूठी सूचना देकर घर से बुलाया गया और इसके बाद उसे एक सुनसान बंगले में ले जाया गया। वहां दो लोगों ने उसके साथ कथित तौर पर दरिंदगी की।

घटना के बाद महिला ने पुलिस से शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपराध कबूल करने की बात भी सामने आई थी।

पति की बीमारी की बात सुनकर घर से निकली महिला

बताया गया कि घटना एक मंगलवार की शाम की थी। आरोपियों में से एक महिला को पहले से जानता था। उसने फोन करके महिला से कहा कि उसके पति की अचानक तबीयत बिगड़ गई है और उसे तुरंत बुलाया है।

पति की तबीयत खराब होने की बात सुनकर महिला बिना किसी शक के घर से निकल गई। वह शाम करीब 7 बजे बस से चंडीखोल पहुंची, जहां आरोपी उसे लेने के लिए मौजूद था।

सुनसान बंगले में ले गया आरोपी

आरोप था कि आरोपी महिला को अपने साथ एक सुनसान बंगले में ले गया। कुछ देर बाद उसका एक साथी भी वहां पहुंच गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने वहां शराब पी और इसके बाद महिला के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया।

महिला के लिए यह घटना बेहद भयावह थी। जिस व्यक्ति की बात पर भरोसा करके वह घर से निकली थी, उसी बहाने का इस्तेमाल उसे सुनसान जगह तक ले जाने के लिए किया गया था।

शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच

घटना के बाद महिला ने कलिंगानगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की।

पुलिस टीम ने जाजपुर के बड़चना और जेनापुर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

अस्पताल में चल रहा था महिला का इलाज

घटना के बाद महिला को इलाज के लिए सुकिंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, जहां उसका उपचार चल रहा था। महिला ने पुलिस के सामने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की थी।

दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए

पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार करने की बात कही गई थी। इसके बाद दोनों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया था कि किसी करीबी या परिचित की ओर से मिली आपात स्थिति की सूचना पर भी लोगों को किस तरह सावधानी बरतनी चाहिए। हालांकि, इस मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही आरोपों की अंतिम पुष्टि होनी थी।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply