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‘Thar मतलब जिम्मेदारी…’, दमन कलेक्टर ने SUV मालिकों को क्यों दिलाई शपथ? आनंद महिंद्रा को भी किया टैग..

‘Thar मतलब जिम्मेदारी…’, दमन कलेक्टर ने SUV मालिकों को क्यों दिलाई शपथ? आनंद महिंद्रा को भी किया टैग..

: सड़कों पर महिंद्रा थार और टोयोटा फॉर्च्यूनर का नाम आते ही अक्सर मन में तेज रफ्तार, भौकाल और बेफिक्र ड्राइविंग का ख्याल आता है. लेकिन दमन जिला प्रशासन ने इस घिसे-पिटे ‘टफ लुक’ के मिथक को पूरी तरह तोड़ दिया है. सड़क सुरक्षा की दिशा में एक अनोखी और नजीर पेश करने वाली पहल करते हुए दमन के जिला कलेक्टर सौरभ मिश्रा ने थार और फॉर्च्यूनर (Thar-Fortuner) के सैकड़ों मालिकों को एक कतार में खड़ा कर सुरक्षित और जिम्मेदार ड्राइविंग की शपथ दिलाई. सोशल मीडिया पर इस अनूठे रोड सेफ्टी कैंपेन का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जहां ‘भाईगिरी’ पर ‘जिम्मेदारी’ भारी पड़ती नजर आ रही है.

दमन के जिला कलेक्टर सौरभ मिश्रा की अगुवाई में आयोजित एक विशेष रोड सेफ्टी कैंपेन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे सैकड़ों थार और फॉर्च्यूनर गाड़ियों के मालिकों को कतारबद्ध खड़ा करके सेफ ड्राइविंग (सुरक्षित ड्राइविंग) की शपथ दिलाते नजर आ रहे हैं.

‘थार का मतलब भाईगिरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट नगर में आयोजित इस अभियान के दौरान दमन के कलेक्टर सौरभ मिश्रा ने SUV चालकों को संबोधित करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि थार या फॉर्च्यूनर जैसी गाड़ियां सड़कों पर हुड़दंग, गुंडागर्दी या भाईगिरी दिखाने के लिए नहीं हैं.

कलेक्टर ने जोर देते हुए कहा- थार का असली मतलब जिम्मेदारी है. इसके मालिकों को ऐसे अनुशासित नागरिक बनना चाहिए जो सड़कों पर जरूरतमंदों और खास तौर पर महिलाओं की सुरक्षा और मदद के लिए आगे आएं.

‘रफ्तार नहीं संस्कार, मेरी गाड़ी मेरी ताकत है घमंड नहीं’

कार्यक्रम के दौरान सभी गाड़ी मालिकों के हाथों में पीले रंग के पोस्टर्स और बैनर साफ देखे जा सकते थे. इन पोस्टर्स पर लोगों की मानसिकता बदलने वाले कई प्रेरक और कड़े संदेश लिखे हुए थे. जैसे “भाईगिरी कूल नहीं है”, “रफ्तार नहीं संस्कार” और “मेरी गाड़ी मेरी ताकत है, घमंड नहीं”. तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि कार्यक्रम स्थल के पीछे एक विशाल पार्किंग एरिया में कतारबद्ध खड़ी सैकड़ों SUV गाड़ियां इस अनोखे सेफ्टी प्लेज की गवाह बनीं.

आनंद महिंद्रा और महिंद्रा ग्रुप तक पहुंचा दमन का यह संदेश

दमन के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने इस पूरे आयोजन का वीडियो अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा किया है. प्रशासन ने अपनी इस शानदार और अनोखी मुहिम को महिंद्रा ग्रुप के मशहूर अभियान #TharKaMatlabZimmedari के साथ जोड़ा है. पोस्ट में महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा को खास तौर पर टैग किया गया है, ताकि इस सकारात्मक पहल का संदेश देश भर के वाहन चालकों तक पहुंचे.

थार और फॉर्च्यूनर चालकों पर ही फोकस क्यों?

भारत में महिंद्रा थार और टोयोटा फॉर्च्यूनर सबसे लोकप्रिय और पावरफुल एसयूवी मानी जाती हैं. हालांकि, बीते कुछ समय से सोशल मीडिया पर कुछ चालकों द्वारा इन गाड़ियों से खतरनाक स्टंट करने, रैश ड्राइविंग करने या हुड़दंग मचाने के वीडियो लगातार सामने आते रहे हैं. प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन सभी समझदार और नियम का पालन करने वाले ड्राइवरों की छवि को बचाना है जो इन गाड़ियों का सही इस्तेमाल करते हैं और साथ ही नए चालकों में जिम्मेदारी का अहसास जगाना है.

इस साल (2026) भारत में कुल सड़क हादसे

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के e-DAR (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) पोर्टल के अनुसार, 1 जनवरी से 27 जुलाई 2026 तक, भारत में 2,96,447 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं. इन हादसों में 1,01,139 लोगों की जान गई है. भारत में कुल सड़क हादसों में होने वाली मौतों में कार/SUV श्रेणी की हिस्सेदारी लगभग 13% से 15% होती है.

Thar-Fortuner श्रेणी के हादसों के प्रमुख आंकड़े

अगर हम SUV और कार श्रेणी के आंकड़े देखें तो भारत में हर साल SUV और कारों से होने वाले हादसों में 23,000 से 25,000 लोगों की मौत होती है. हादसों के सबसे बड़े कारणों में ओवरस्पीडिंग सबसे आगे है, जिससे लगभग 70% हादसे होते हैं.

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