Firozabad News: फिरोजाबाद में बाबा नीम करौली की जन्मस्थली अकबरपुर/नागऊ को अब देशविदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बड़े धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है. इसी कड़ी में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने शुक्रवार को जन्मस्थली का निरीक्षण किया. उन्होंने मौके पर चल रहे विकास कार्यों की प्रगति देखी और प्रस्तावित योजनाओं को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली. प्रशासन का फोकस जन्मस्थली को सिर्फ धार्मिक स्थल के तौर पर विकसित करने तक सीमित नहीं है. यहां श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों के लिए भी आधुनिक सुविधाएं तैयार करने की योजना है. इसके लिए पर्यटन विभाग की ओर से भव्य कॉरिडोर प्रस्तावित किया गया है.

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रदेश की पर्यटन नीति2022 में संशोधन के बाद बाबा नीम करौली सर्किट को पर्यटन योजना में शामिल किया गया है. इस सर्किट में लखनऊ, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद की बाबा नीम करौली की जन्मस्थली अकबरपुर/नागऊ और मथुरावृंदावन को जोड़ा गया है. इससे जन्मस्थली को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों से जोड़ने में मदद मिलेगी. प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले समय में यहां देश के अलगअलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचेंगे. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और निवेश के अवसर भी बढ़ सकते हैं.
करोड़ों रुपए के विकास कार्य चल रहे
जन्मस्थली पर चरणबद्ध तरीके से बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. पहले चरण में 865.98 लाख रुपए की लागत से कई काम कराए जा रहे हैं. इनमें डॉरमेट्री, रेस्तरां, सभा स्थल, डिजिटल लाइब्रेरी, सीसी रोड, सेप्टिक टैंक, समरसेबल पंप और साइट डेवलपमेंट जैसे कार्य शामिल हैं. वहीं, दूसरे चरण के लिए 222.47 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है. इसके तहत टॉयलेट ब्लॉक, गार्ड रूम, सीसी रोड, नाली, पेवर, ट्यूबवेल, बाहरी विद्युत व्यवस्था और म्यूरल वर्क जैसे काम प्रस्तावित हैं.
ग्रामीण पर्यटन के लिए भी सुविधाएं विकसित होंगी
जन्मस्थली क्षेत्र में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी काम किया जा रहा है. इसके लिए 55.44 लाख रुपए की लागत से प्रवेश द्वार, साइनेज, बैठने के लिए बेंच और डस्टबिन जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. प्रशासन का मानना है कि इन सुविधाओं के तैयार होने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यहां बेहतर अनुभव मिलेगा. साथ ही स्थानीय लोगों को भी पर्यटन से जुड़े रोजगार के अवसर मिल सकते हैं.
5 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन खरीदने की तैयारी
बाबा नीम करौली की जन्मस्थली को बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग ने भव्य कॉरिडोर का प्रस्ताव तैयार किया है. इसके लिए जन्मस्थली के आसपास 5 हेक्टेयर से अधिक जमीन खरीदी जाने की प्रक्रिया चल रही है. जमीन उपलब्ध होने के बाद प्रस्तावित कॉरिडोर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की जरूरत के हिसाब से कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इनमें भव्य प्रवेश द्वार, पर्यटन सुविधा केंद्र, आश्रम, ध्यान एवं वेलनेस सेंटर, बहुउद्देशीय सभा स्थल और पार्किंग शामिल हैं. इसके अलावा फूड कोर्ट, म्यूजियम, इंटरप्रिटेशन सेंटर, ओपन एयर थिएटर और प्रसाद मंडप/डाइनिंग हॉल जैसी सुविधाएं भी विकसित करने की योजना है.
अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने अधिकारियों को विकास कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार और तय समय सीमा में पूरे किए जाएं. उन्होंने मौके पर चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और प्रस्तावित योजनाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की. प्रशासन का जोर इस बात पर है कि विकास कार्यों का लाभ श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को जल्द से जल्द मिल सके.
धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
बाबा नीम करौली की जन्मस्थली को विकसित करने की योजना से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. कॉरिडोर और आधुनिक सुविधाओं के तैयार होने के बाद यह क्षेत्र श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है. प्रशासन की योजना जन्मस्थली को धार्मिक आस्था, आध्यात्मिकता और पर्यटन सुविधाओं से जोड़कर एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की है. निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी टूंडला समेत संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे.



