
बलिया: बलिया की सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व प्रधान स्मृति सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित BRICS संवाद 2026 में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। भारत की अध्यक्षता में आयोजित यह दो दिवसीय मुख्य सम्मेलन 12 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहा है। नीति आयोग की ओर से रतसरकलां की पूर्व प्रधान स्मृति सिंह को इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संवाद के लिए आमंत्रित किया गया था।
शनिवार को स्मृति सिंह को सम्मेलन में अपनी बात रखने का अवसर मिला। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उन्होंने भारत, खासकर ग्रामीण भारत की महिलाओं, युवाओं और जमीनी स्तर पर हो रहे सामाजिक बदलावों से जुड़े मुद्दे विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों के सामने रखे।
महिला सशक्तीकरण से ग्रामीण विकास तक उठाए मुद्दे
स्मृति सिंह ने महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, युवा नेतृत्व, स्वच्छता और सामाजिक विकास जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी तथा उनके नेतृत्व में हो रहे सकारात्मक बदलावों की जानकारी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को दी।
उन्होंने ग्रामीण भारत में हो रहे सामाजिक बदलावों और जमीनी स्तर पर महिलाओं तथा युवाओं की भूमिका को वैश्विक मंच तक पहुंचाने पर जोर दिया।
पहले भी संयुक्त राष्ट्र महिला सम्मेलन में कर चुकी हैं सहभागिता
स्मृति सिंह इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महिला सम्मेलन में भी सहभागिता कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि BRICS संवाद जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बात रखने और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण समाज, महिलाओं तथा युवाओं की आवाज दुनिया के अलगअलग देशों से आए प्रतिनिधियों तक पहुंचाने का अवसर उनके लिए गौरव का विषय है।
2024 में संसद भवन के कार्यक्रम में भी हुई थीं शामिल
साल 2024 में स्मृति सिंह संसद भवन में आयोजित ‘पंचायत प्रतिनिधियों की संसद में उपस्थिति’ कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। वह इस कार्यक्रम में भाग लेने वाली उत्तर प्रदेश की इकलौती पंचायत प्रतिनिधि थीं। इस दौरान उन्होंने पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े अपने अनुभव साझा किए थे।
मरणोपरांत शरीर दान का लिया संकल्प
सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों के साथ स्मृति सिंह ने मानवता की सेवा के लिए मरणोपरांत अपना संपूर्ण शरीर चिकित्सा अनुसंधान के लिए दान करने का संकल्प भी लिया है।
इसके अलावा वह कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए दो बार अपने बाल दान कर चुकी हैं। उनके मुताबिक, दान किए गए बाल तमिलनाडु की एक स्वयंसेवी संस्था के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाए जाते हैं।
स्मृति सिंह का कहना है कि शरीर दान चिकित्सा शोध और प्रशिक्षण में योगदान देगा, जबकि बाल दान कैंसर से जूझ रही महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करेगा।
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