
हरियाणा के कुरुक्षेत्र से जुड़ा एक करीब तीन दशक पुराना मामला अब जाकर खत्म हुआ है। मामला इतना पुराना है कि जिस समय विवाद हुआ था, उस वक्त आरोपी युवावस्था में थे और अब उनकी उम्र 50 साल से ज्यादा हो चुकी है। यह पूरा विवाद एक पालतू कुत्ते को वहां से भगाने की बात से शुरू हुआ था, जो बाद में मारपीट और अदालत की लंबी कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया।
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने करीब 30 साल पुराने इस मामले में आरोपियों की सजा को उनके द्वारा पहले ही जेल में बिताई गई अवधि तक सीमित कर दिया। साथ ही, जुर्माने की रकम पीड़ित को मुआवजे के तौर पर देने का निर्देश दिया गया।
भैंस के बछड़ा देने के बाद शुरू हुआ विवाद
मामला कुरुक्षेत्र के पेहवा थाना क्षेत्र का है। 12 अक्टूबर 1996 को ओम प्रकाश की भैंस ने बछड़े को जन्म दिया था। इसी दौरान पड़ोसी का पालतू कुत्ता वहां पहुंच गया।
ओम प्रकाश की मां ने आरोपी राजू और देवा से कुत्ते को वहां से हटाने के लिए कहा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद राजू गंडासी और देवा लाठी लेकर वहां पहुंचे और ओम प्रकाश पर हमला कर दिया।
मारपीट में ओम प्रकाश के बाएं हाथ में फ्रैक्चर होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ।
निचली अदालत से हाई कोर्ट तक पहुंचा मामला
इस मामले में निचली अदालत ने वर्ष 2006 में राजू और देवा को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद आरोपियों ने फैसले के खिलाफ अपील की, लेकिन वर्ष 2008 में सत्र न्यायालय ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।
इसके बाद मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंचा और करीब तीन दशक तक कानूनी प्रक्रिया चलती रही।
22 और 26 साल की उम्र में आरोपी बने थे, अब 52 और 56 के
हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों ने अपनी दोषसिद्धि को चुनौती नहीं दी। उन्होंने केवल सजा में राहत देने की मांग की।
जस्टिस मनदीप पन्नू की पीठ ने मामले पर विचार करते हुए पाया कि घटना के समय राजू की उम्र 22 वर्ष और देवा की उम्र 26 वर्ष थी। अब दोनों की उम्र क्रमशः 52 और 56 वर्ष हो चुकी है।
अदालत के समक्ष यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी पहले ही जेल में करीब दो महीने और एक महीने से अधिक की अवधि बिता चुके हैं। मामले के करीब 30 साल तक लंबित रहने और आरोपियों की वर्तमान उम्र को देखते हुए कोर्ट ने पहले से काटी गई जेल अवधि को ही पर्याप्त माना।
4,250 रुपये पीड़ित को देने का आदेश
हाई कोर्ट ने आरोपियों की सजा को उनके द्वारा पहले ही काटी जा चुकी अवधि तक सीमित कर दिया। साथ ही अदालत ने जमा की गई 4,250 रुपये की जुर्माने की राशि पीड़ित ओम प्रकाश को मुआवजे के रूप में देने का निर्देश दिया।
इस तरह करीब 30 साल पहले एक कुत्ते को हटाने की बात से शुरू हुआ विवाद आखिरकार अदालत के फैसले के साथ समाप्त हुआ।



