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एक करोड़ की लूट की कहानी निकली फर्जी, सर्राफा व्यापारी के ड्राइवर और नौकर ने रची थी साजिश; ऐसे हुआ खुलासा.

एक करोड़ की लूट की कहानी निकली फर्जी, सर्राफा व्यापारी के ड्राइवर और नौकर ने रची थी साजिश; ऐसे हुआ खुलासा.

मेरठ में दिनदहाड़े करीब एक करोड़ रुपये की नकदी और जेवरात लूटे जाने की खबर ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया था। लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो पूरा मामला ही अलग निकला। पुलिस के मुताबिक, सर्राफा व्यापारी के ड्राइवर और नौकर ने मिलकर लूट की फर्जी कहानी तैयार की थी।

जांच के बाद पुलिस ने कथित साजिश में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि उनके कब्जे से गायब की गई नकदी और जेवरात भी बरामद कर लिए गए हैं।

दिनदहाड़े लूट की सूचना से मचा था हड़कंप

मामला मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। सर्राफा व्यापारी शेख दिलावर के ड्राइवर और नौकर ने पुलिस को सूचना दी थी कि नवादा पुलिस चौकी क्षेत्र में कार से करीब एक करोड़ रुपये की नकदी और जेवरात लूट लिए गए हैं।

बताया गया कि रकम में करीब 79 लाख रुपये नकद और लगभग 21 लाख रुपये के जेवरात शामिल थे। दिनदहाड़े इतनी बड़ी रकम लूटे जाने की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।

हालांकि, पुलिस को शुरुआती जांच में ही घटना की कहानी को लेकर कुछ संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और आरोपियों की गतिविधियों की बारीकी से जांच शुरू की।

कर्ज में डूबा था नौकर, फिर बनाई फर्जी लूट की योजना

पुलिस के मुताबिक, व्यापारी का नौकर आरिफ अंसारी काफी कर्ज में डूबा हुआ था। आरोप है कि कर्ज चुकाने के लिए उसने अपने साथी वसीम अंसारी के साथ मिलकर रकम हड़पने की योजना बनाई।

पुलिस का दावा है कि साजिश के तहत कार को मेरठ के नवादा इलाके में एक बिरयानी की दुकान के पास जानबूझकर बिना लॉक किए खड़ा किया गया। इसके बाद कथित तौर पर वसीम ने कार से 79 लाख रुपये नकद और करीब 21 लाख रुपये के जेवरात निकाल लिए।

इसके बाद पूरी घटना को लूट का रूप देने के लिए पुलिस के सामने दिनदहाड़े लूट की कहानी बताई गई।

जांच में खुलती चली गई साजिश की परतें

पुलिस ने घटना की जांच के दौरान शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और आरोपियों के बयानों की पड़ताल की। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस का शक और गहरा होता गया।

इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी और कथित तौर पर गायब की गई रकम और जेवरात की तलाश शुरू की। इसी दौरान पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।

मेरठ जाते समय पुलिस ने पकड़ा

पुलिस के अनुसार, घटना के करीब दो दिन बाद आरिफ अपने साथी वसीम के साथ कथित तौर पर गायब की गई रकम और जेवरात लेकर मेरठ जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया।

पूछताछ और बरामदगी के बाद पुलिस ने इसे कथित फर्जी लूट की साजिश बताया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के कब्जे से नकदी और जेवरात बरामद कर लिए गए हैं।

मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

इस मामले ने एक बार फिर दिखा दिया कि बड़ी रकम से जुड़े मामलों में शुरुआती शिकायत की जांच के साथ-साथ पुलिस घटनाक्रम की हर कड़ी को खंगालती है। यहां भी जांच के दौरान सामने आई कथित विसंगतियों ने उस कहानी की परतें खोल दीं, जिसे शुरुआत में एक करोड़ रुपये की लूट बताया गया था।

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