: चंद्रशेखर आजाद काफिला हमला का मामला उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से सामने आया है। नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद रविवार को गोंडा जा रहे थे। वह विनोद कुमार साहनी और रमेश कोरी के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देने जा रहे थे। इसी दौरान रामनगर थाना क्षेत्र के बुढ़वल चौराहे पर उनके काफिले को रोकने के बाद विवाद की स्थिति बनी।

बुढ़वल चौराहे पर पथराव का आरोप
चंद्रशेखर के अनुसार, बुढ़वल चौराहे पर पुलिस ने उनके काफिले को रोककर दाहिने रास्ते से जाने के लिए कहा था। इसी जगह कुछ लोग तख्तियां लेकर खड़े थे। आरोप है कि लोगों के हाथों में पत्थर थे और काफिला आगे बढ़ने के दौरान उस पर जूते और पत्थर फेंके गए। चंद्रशेखर आजाद काफिला हमला को लेकर चंद्रशेखर ने इसे गंभीर घटना बताते हुए जांच की मांग की है।
कई वाहन क्षतिग्रस्त, कार्यकर्ता घायल
हमले के दौरान काफिले में शामिल सनी की गाड़ी का शीशा टूटने की बात सामने आई है। चंद्रशेखर ने दावा किया कि चंद्रशेखर आजाद काफिला हमला में 7 से 8 गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। उनके मुताबिक, करीब 13 से 14 लोग घायल हुए हैं। एक कार्यकर्ता की आंख में चोट लगने का भी दावा किया गया है। घटना के बाद चंद्रशेखर अपने कार्यकर्ताओं के साथ बाराबंकी एसपी कार्यालय पहुंचे।
पुलिस को दी गई दो तहरीर
चंद्रशेखर आजाद ने मामले में दो अलगअलग तहरीर दिए जाने की जानकारी दी है। एक तहरीर उनकी ओर से और दूसरी उनके कार्यकर्ता सनी की तरफ से दी गई है। चंद्रशेखर का आरोप है कि घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बाराबंकी न्यूज में सामने आए इस मामले को लेकर अब पुलिस की कार्रवाई पर नजर है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
चंद्रशेखर ने कहा कि अगर सोमवार तक मामले में कार्रवाई नहीं होती है तो मंगलवार से पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। चंद्रशेखर आजाद काफिला हमला के बाद वह गोंडा नहीं जा सके। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों और पुलिस की ओर से होने वाली कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।



