
लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गणेश चतुर्थी और 17 सितंबर को होने वाले भगवान विश्वकर्मा पूजन उत्सव के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम संदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में सामाजिक एकता को मजबूत करने और ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव से जुड़े ज्ञान, विवेक और कर्म के भाव भगवान विश्वकर्मा की पूजा में भी दिखाई देते हैं। 17 सितंबर को सृष्टि के प्रथम शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा की आराधना का अवसर प्रदेश को कौशल और तकनीक के जरिए विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रेरणा देता है।
‘वोकल फॉर लोकल’ को दैनिक व्यवहार में उतारें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ विजन को केवल विचार तक सीमित नहीं रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों, कारीगरों और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देने की आदत को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
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सीएम ने कहा कि स्थानीय हुनर और कारीगरों को बढ़ावा मिलने से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वहीं, स्थानीय सामर्थ्य पर भरोसा बढ़ने से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिल सकती है।
कौशल और तकनीक से आगे बढ़ेगा यूपी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने और स्थानीय क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल करने के साथ ही आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि ज्ञान, तकनीक और आत्मनिर्भरता का यह संगम उत्तर प्रदेश को विकास की नई मिसाल कायम करने में मदद करेगा।
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