
लखनऊ, अमृत विचार। सोमवार से घरघर बप्पा विराजेंगे। गणेश चतुर्थी सोमवार को मनाई जा रही है। भगवान गणेश का प्राकट्य भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के मध्याह्न में हुआ था, इसलिए दोपहर में स्थापना सबसे शुभ मानी गई है।
विसर्जन 25 सितंबर तक होगा। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्लपक्ष की चतुर्थी 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे से 15 सितंबर सुबह 7:45 बजे तक रहेगी।
गणेश जी की मूर्ति स्थापना के लिए सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक का समय विशेष शुभ है।
इसके अलावा चौघड़िया मुहूर्त में तीन शुभ मुहूर्त भी हैं। चर दोपहर 1:49 से 3:22 तक, लाभ 3:22 से 4:55 तक और अमृत 4:55 से शाम 6:28 तक। पूजा में कलश भक्त के दाईं ओर यानी गणेश जी के बाईं ओर रखें।
कलश में जल, अक्षत, सुपारी, आम या अशोक के पत्ते और नारियल रखें। घर में मिट्टी की बैठी प्रतिमा शुभ है। गृहस्थों के लिए बाईं ओर सूंड वाली प्रतिमा, मूषक वाहन, नाग जनेऊ और ललाट पर चंद्रमा वाला स्वरूप शुभ माना जाता है।
राजधानी में इन जगहों पर सजा है बप्पा का भव्य पंडाल
झूलेलाल वाटिका ‘मनौतियों के राजा’ का गणेशोत्सव
गोमती तट स्थित झूलेलाल वाटिक में लगने वाले शहर के सबसे बड़े गणेशोत्सव के पंडाल में मनौतियों के राजा को विराजमान करने की तैयारियां पूरी हो गई हैं। सोमवार को प्रातः 9 बजे पंडाल में छह फीट की गणेशजी की मूर्ति की स्थापना की जाएगी, आयोजन 25 सितंबर तक चलेगा।
इस बार पंडाल का मुख्य प्रवेश द्वार न्यू जर्सी अमेरिका के प्रसिद्ध स्वामी नारायण मंदिर की तरह बनाया गया है। 80 फीट ऊंचे और 13 हजार वर्ग फीट में बने पंडाल में महिलाओं व पुरुषों के की अलगअलग व्यवस्था रहेगी।
बप्पा का मुख्य प्रवेश द्वार न्यू जर्सी अमेरिका के प्रसिद्ध स्वामी नारायण मंदिर की तर्ज पर
सीसीटीवी कैमरे की निगरानी के साथ 60 महिला व पुरुष बाउंसर सुरक्षा संभालेंगे। भोग प्रसाद के लिए कानपुर के प्रसिद्ध हलवाई प्रतिदिन मोदक तैयार करेंगे।पंडाल का 20 करोड़ का बीमा कराया गया है। समिति के अध्यक्ष घनश्याम दास अग्रवाल , पार्षद रणजीत सिंह , अखिलेश बंसल ने बताया कि मूर्ति मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर की तर्ज पर तैयार की गई है। सुधांशु बाथम, अजय अग्रवाल ने बताया कि भक्त मनौतियों के राजा गजानन के नाम चिट्ठी प्रतिदिन प्रातः 10 से शाम 6 बजे तक लिख सकते हैं।
यहियागंज में विराजेंगे लक्ष्मणपुर के राजा
यहियागंज बिहारी जी मन्दिर नारायण दास गली में लक्ष्मणपुर के राजा विराजेंगे। गणेश युवा मण्डल के इस आयोजन में 14 से 24 सितंबर तक प्रतिदिन शाम 8 बजे से 11 बजे गजानन का पूजन होगा।
24 सितंबर को शाम 4 बजे हवन और रात्रि 8 बजे भजन कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। 25 सितंबर को मूर्ति की विसर्जन शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इसमें हाथी, घोड़े, ऊंट 10 बैंडबाजे, 25 झांकियां शामिल रहेंगी।
यात्रा दोपहर 12 नादान महल रोड से प्रारंभ होकर कंघी वाली गली, यहियागंज बाजार, रकाबगंज, सुभाष मार्ग, मेडिकल कालेज चौराहा, चरक चौराहा, चौक चौराहा, कोनेशवर मन्दिर, लाजपत नगर काॅलोनी होते हुए कुड़िया घाट पहुंचेगी।
हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर गणेश प्रदर्शनी
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की ओर से हजरतगंज मेट्रो स्टेशन में रविवार को छाया चित्रकार पुनीत कात्यायन की एकल छायाचित्र प्रदर्शनी द नेचुरल फॉर्म्स ऑफ गणेशा लगाई गई है। क्यूरेटर भूपेंद्र अस्थाना की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने किया।
प्रदर्शनी में वृक्षों की छाल, तनों और प्राकृतिक बनावटों में स्वतः उभरते गणेश के 20 विविध प्राकृतिक स्वरूप प्रस्तुत किए गए हैं। पुनीत ने कृतियों को 2 से 3 इंच के अत्यंत छोटे प्राकृतिक फ्रेम में खोजकर कैमरे में कैद किया। प्रदर्शनी में उन्हें बड़े आकार में प्रस्तुत किया गया। इससे उनकी सूक्ष्म दृष्टि, धैर्यपूर्ण अवलोकन और तकनीकी दक्षता स्पष्ट रूप से सामने आती है। पुनीत कात्यायन पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से प्रकृति, अध्यात्म और दृश्यकथा पर कार्य कर रहे हैं।
क्यूरेटर भूपेंद्र अस्थाना ने कहा कि फोटोग्राफी लेखन के बाद संप्रेषण की सबसे प्रभावशाली दृश्य भाषा है। प्रकृति की अनगिनत बनावटें हमारी कल्पना, संवेदना और सौंदर्यबोध को विस्तृत करती हैं। पुनीत कात्यायन की यह प्रदर्शनी दर्शाती है कि एक संवेदनशील दृष्टि साधारण वृक्षछाल में भी दिव्यता, नवाचार और आध्यात्मिक अनुभूति खोज सकती है। प्रदर्शनी में पंचानन मिश्रा, अविनाश लिटिल, अंगद वर्मा, दिनेश आर्या, आनंद कुमार सहित बड़ी संख्या में कलाप्रेमी, कलाकार, छायाकार और विद्यार्थी मौजूद रहे। प्रदर्शनी 17 सितम्बर तक आम जन के अवलोकनार्थ लगी रहेगी।
गणेशोत्सव पर बदली रहेगी यातायात व्यवस्था
सोमवार 14 सितंबर से 10 दिवसीय गणेशोत्सव का शुरुआत हो रही है। इसके चलते 10 दिनों तक सुबह 10 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक यातायात व्यवस्था में बदलाव रहेगा।
डीसीपी यातायात कार्यालय से जारी हुआ आदेश
डीसीपी यातायात रवीना त्यागी ने बताया कि इमरजेंसी में ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है, ताकि जरूरतमंद को वैकल्पिक मार्ग के आभाव में व्यवस्था की जा सके।
यह व्यवस्था की गई
अयोध्या की तरफ से कैसरबाग जाने वाली रोडवेज बसों को कमता तिराहा से गोमतीनगर होते हुये समतामूलक चौराहा, गॉधी सेतु चौराहा, पीएनटी बालू अड्डा, संकल्प वाटिका तिराहा, चिरैयाझील तिराहा, क्लार्क अवध तिराहा के पीछे से सीडीआरआई होते हुए कैसरबाग बस अड्डा आजा सकेंगी।
सीतापुर रोड से कैसरबाग आने वाली रोडवेज/सिटी बसें मड़ियाव, पुरनिया/डालीगंज रेलवे क्रासिंग, पक्का पुल, शहमीना, डालीगंज पुल, सीडीआरआई होते हुए कैसरबाग जाएंगी तथा वापसी में बलरामपुर ढाल, शहीद स्मारक होकर जाना होगा।
चौक/डालीगंज पुल की ओर से आने वाला वाहन क्लार्क अवध तिराहे से सीधे सुभाष चौराहा के स्थान पर क्लार्क अवध तिराहे से चिरैयाझील होकर जा सकेंगे।
डालीगंज पुल इक्का तांगा स्टैंड चौराहा से आने वाला वाहन गोमती नदी बंधा होकर नदवा कालेज की जगह गोमती नदी पुल पारकर या सीधे उमराव सिंह धर्मशाला होकर, आईटी चौराहा की ओर से जा सकेंगे।
टेलीफोन एक्सचेंज चौराहा से मकबरा रोड की ओर से परिवर्तन चौक की ओर न जाकर कैसरबाग बस अड्डा या सीडीआरआई तिराहा, क्लार्क अवध होकर जा सकेंगे।
निराला नगर की ओर से आईटी चौराहा से विश्वविद्यालय मार्ग होकर सुभाष चौराहा के स्थान पर आईटी चौराहा से बांये/दाहिने मुड़कर समथर पेट्रोल पम्प होते हुए निशातगंज/डालीगंज पुल से जा सकेंगे।
कैसरबाग/सीडीआरआई, क्लार्क अवध तिराहा की ओर से सुभाष चौराहे से सीधे कृष्णा मेडिकल सेंटर होते हुए चिरैयाझील तिराहा की ओर से जा सकेंगे।
हजरतगंज चौराहा एवं परिवर्तन चौक की ओर से सुभाष चौराहा, हनुमान सेतु होकर आईटी चौराहा की जगह मकबरा रोड, टेलीफोन एक्सचेन्ज, सीडीआरआई या चिरैयाझील से होकर जा सकेंगे।
हनुमान सेतु मंदिर चौराहा से नदवा बन्धा रोड झूलेलाल पार्क की ओर से आईटी चौराहा होकर जा सकेंगे।
हरदोई मार्ग से कैसरबाग बस अड्डे जाने वाली बसें बालागंज, कोनेश्वर घण्टाघर तिराहा की जगह छन्दोईया तिराहा से दाहिने पावर हाउस चौराहा, रानी अवन्ती बाई लोधी चौराहा, आईआईएम चौराहा, भिठौली तिराहा होते हुए होते हुए जा सकेंगी।
सीतापुर/हरदोई की तरफ जाने वाली बसें कुड़ियाघाट की जगह डालीगंजपुल चौराहा, डालीगंज इक्काटांगा चौराहा, आईटी चौराहा, चौराहा होते हुए जा सकेंगी।



