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​मोटे हैं फिर भी पोषण की कमी! पेट भर खाने के बाद क्यों हो रहे विटामिन कम

दिन में तीन बार भरपेट खाना, शरीर का वजन बढ़ा हुआ और बाहर से देखने में सबकुछ सामान्य. लेकिन क्या इसके बावजूद शरीर अंदर से पोषण की कमी का शिकार हो सकता है? डॉक्टरों का जवाब है हां. आज बड़ी संख्या में ऐसे लोग सामने आ रहे हैं, जिनका वजन अधिक है लेकिन शरीर में विटामिन, प्रोटीन, आयरन या दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की कमी है. दिल्लीएनसीआर में 4000 लोगों पर किए गए एक हालिया मेटाबॉलिक हेल्थ अध्ययन में भी ऐसी तस्वीर सामने आई है.

​मोटे हैं फिर भी पोषण की कमी! पेट भर खाने के बाद क्यों हो रहे विटामिन कम

मिलेनियल्स में 55.7 प्रतिशत लोग ओवरवेट या मोटापे से ग्रस्त पाए गए. वहीं, 45 साल या उससे अधिक उम्र के 70.8 प्रतिशत लोगों में विसरल फैट यानी शरीर के अंदर अंगों के आसपास जमा खतरनाक चर्बी का स्तर बढ़ा हुआ था.

वजन नॉर्मल, फिर भी अंदर बढ़ रही चर्बी

दिलचस्प बात यह रही कि अध्ययन में 176 ऐसे लोग भी मिले जिनका BMI सामान्य था, लेकिन उनके शरीर में विसरल फैट अधिक था. डॉक्टरों का कहना है कि यही वजह है कि केवल वजन मशीन या बीएमआई देखकर किसी की पूरी सेहत का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. डॉ. ऐजाज इल्मी कहते हैं कि पोषक तत्वों की कमी को केवल दुबलेपतले लोगों से जोड़कर देखना सही नहीं है.

ज्यादा कैलोरी, लेकिन पोषण कम

शहरी जीवनशैली में यह समस्या और बढ़ रही है. बाहर का खाना, पैकेज्ड फूड और अधिक कैलोरी वाला भोजन पेट तो भर देता है, लेकिन उसमें अक्सर पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स नहीं होते. दिल्लीएनसीआर के वयस्कों पर किए गए एक अध्ययन में शहरी आबादी में विटामिनडी की गंभीर कमी भी काफी ज्यादा पाई गई थी. पेट के आसपास जमा एक्स्ट्रा फैट और विटामिन डी की कमी के बीच कनेक्शन भी देखा गया.

वजन कम करने के चक्कर में पोषण से समझौता न करें

कनिका मल्होत्रा कहती हैं कि वजन घटाने का मतलब केवल खाना कम करना नहीं है. कई लोग तेजी से वजन कम करने के लिए रोटी, चावल या पूरा खाना कम कर देते हैं, लेकिन इस दौरान प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है. उनके मुताबिक, रोज के भोजन में अलगअलग तरह के खाद्य पदार्थ शामिल करना जरूरी है. पर्याप्त प्रोटीन, सब्जियां, फल, दालें, साबुत अनाज, फाइबर और जरूरी विटामिनमिनरल्स शरीर को बेहतर पोषण देने में मदद करते हैं.

सिर्फ वजन नहीं, शरीर की अंदरूनी सेहत भी देखें

डॉक्टरों का कहना है कि अधिक वजन के साथ इंसुलिन रेजिस्टेंस, प्रीडायबिटीज, फैटी लिवर और कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी हो सकती है. इसलिए जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से ब्लड शुगर, लिपिड प्रोफाइल, लिवर हेल्थ और पोषक तत्वों की स्थिति की जांच करानी चाहिए.

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