
विधि संवाददाता/प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अधिवक्ताओं के लिए ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन उत्तीर्ण करना अनिवार्य बताते हुए कहा है कि निर्धारित अवधि में परीक्षा पास नहीं करने वाले अधिवक्ताओं के नाम बार रोल से हटाए या निलंबित किए जा सकते हैं।
कोर्ट के सात अगस्त 2026 के आदेश के अनुपालन में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने ऐसे अधिवक्ताओं को 19 अक्टूबर 2026 तक एआईबीई पास करने का प्रमाण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उक्त आदेश योगेंद्र बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व तीन अन्य मामले के अनुपालन में पारित किया गया।
कोर्ट ने कहा कि वर्ष 200910 के शैक्षणिक सत्र और उसके बाद कानून की डिग्री हासिल कर अधिवक्ता के रूप में नामांकित कानून स्नातकों के लिए एआईबीई में शामिल होकर उसे उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। कोर्ट ने एडवोकेट रोल अनुभाग को निर्देश दिया है कि परीक्षा की अधिसूचना प्रकाशित होने के दो वर्ष के भीतर एआईबीई पास नहीं करने वाले अधिवक्ताओं के नाम रोल से हटाने या निलंबित करने की कार्रवाई की जाए।
हाईकोर्ट ने बताया कि संबंधित अधिवक्ताओं को पहले भी 13 जनवरी 2015, 30 नवंबर 2016, 3 अगस्त 2017, 17 अप्रैल 2019, 12 अक्टूबर 2023, 3 मई 2024, 18 जुलाई 2025 और 19 जुलाई 2026 को नोटिस जारी किए गए थे। लेकिन अब तक एआईबीई उत्तीर्ण करने का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया।
19 अक्टूबर तक जमा करना होगा AIBE पास करने का प्रमाण
नोटिस में कहा गया है कि प्रमाण 19 अक्टूबर 2026 तक हाईकोर्ट के ग्राउंड फ्लोर स्थित मेडिएशन एंड कन्सिलिएशन सेंटर भवन के रोल ऑफ एडवोकेट्स अनुभाग में जमा करना होगा। इसके बाद नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह जानकारी हाईकोर्ट के महानिबंधक द्वारा दी गई है।



